नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नोएडा (NOIDA) को शापित या अशुभ माने जाने के डर से आज दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में शरीक नहीं होंगे। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजमार्ग 24 के चौड़ीकरण का उद्घाटन करने के लिए आज नोएडा का दौरा करेंगे और जनसभा को भी संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव कभी भी नोएडा नहीं आए हैं।
राजनीतिक गलियारों के मुताबिक NOIDA का दौरा करने वाले कई पूर्व मुख्यमंत्रियों को यात्रा के बाद जल्द ही अपनी कुर्सी गंवानी पड़ गई जिनमें वीर बहादुर सिंह, नारायण दत्त तिवारी, कल्याण सिंह और मायावती शामिल हैं।
NOIDA के क्यों घबराते हैं CM ?
- 1988 में वीर बहादुर सिंह मुख्यमन्त्री रहते हुए नोएडा गए लेकिन लौटते ही उनकी कुर्सी चली गई।
- 1989 में नारायण दत्त तिवारी मुख्यमंत्री थे लेकिन जब वो नोएडा गए तो उसके बाद चुनाव हार गए।
- 1990 में मुलायम सिंह यादव नोएडा गए तो बीएसपी ने उनकी सरकार से समर्थन वापस ले लिया और सरकार गिर गई।
- 1997 में मुख्यमंत्री रहते हुए मायावती भी जब नोएडा गई तो कुछ दिन बाद बीजेपी ने उनसे समर्थन वापस ले लिया।
- 2001 में इसी वहम के कारण यूपी के मुख्यमंत्री रहते राजनाथ सिंह ने नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाले फ्लाईओवर का उद्घाटन दिल्ली वाले छोर से किया।
- 2002 में मायावती ने मुख्यमंत्री रहते नोएडा के प्रोजेक्ट बिना नोएडा गए लखनऊ से शुरू करवा दिए।
- 2006 में मुलायम सिंह की सरकार के वक्त नोएडा में सबसे बर्बर निठारी कांड हुआ, देशभर में हंगामा हुआ लेकिन मुलायम सिंह नोएडा नहीं गए।
- 2011 में मायावती ने नोएडा से जुड़े इस सियासी वहम को तोड़ने की कोशिश की।
- 2012 में मायावती मुख्यमंत्री रहते नोएडा आईं लेकिन वहम पर यकीन करने वाले लोग विधानसभा चुनाव में मायावती की हार को इससे जोड़कर देखते हैं।
NOIDA की योजनाओं का उद्घाटन भी दिल्ली-लखनऊ से हुआ-
- दादरी कांड में मारे गए अखलाक के परिवार को भी अखिलेश यादव ने मिलने के लिए लखनऊ बुलाया था।
- नोएडा में Nasscom के हेडक्वॉटर का उद्घाटन भी अखिलेश ने दिल्ली के एक होटल में किया।
- नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे की 62 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी लखनऊ से किया।
- अखिलेश ने नोएडा के बच्चों को लैपटॉप नोएडा में नहीं, बल्कि गाजियाबाद से बांटे।