
अलग अलग वर्ग के छात्रों के लिए होते हैं अलग अलग नियम-
सामान्य श्रेणी के छात्रों को 6 बार परीक्षा में सम्मिलित होने का मौका मिलता है। पहले यह संख्या 4 थी। इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आपकी उम्र 21 से 30 साल के बीच होनी चाहिए।
वहीं पिछड़ा वर्ग से आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने के 9 मौके दिए जाते हैं इनकी संख्या पहले 7 थी। इन 9 चांस के लिए 35 साल तक मौके दिए जाते हैं।
प्री परीक्षा में देने होते हैं दो पेपर
प्रिलिम्स पेपर-1 (200 अंक): दो घंटे
• राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वर्तमान घटनाएं
• भारत और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास
• भारतीय और वैश्विक भूगोल – भारत और दुनिया का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल
• भारतीय राजनीति और शासन– संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकारों के मुद्दे आदि
• आर्थिक और सामाजिक विकास, सतत टिकने वाला विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहलें आदि
• पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य/ज्वलंत मुद्दे
• सामान्य विज्ञान
प्रिलिम्स पेपर-2 (200 अंक): दो घंटे
• बोधगम्यता
• पारस्परिक कौशल—संचार कौशल सहित
• तार्किक क्षमता और विश्लेषणात्मक क्षमता
• निर्णय लेने और समस्या को विश्लेषण की क्षमता
• सामान्य मानसिक योग्यता
• बेसिक संख्यात्मक योग्यता, संख्याएं और उनमें आपसी-संबंध आदि (दसवीं कक्षा के स्तर का), डेटा इंटरप्रिटेशन (चार्ट, ग्राफ, टेबल, डेटा पर्याप्तता आदि – दसवीं कक्षा के स्तर का)।
मुख्य परीक्षा-
निबंध- 250 नंबर
सामान्य अध्ययन-1 250 नंबर
सामान्य अध्ययन-2 250 नंबर
सामान्य अध्ययन-3 250 नंबर
सामान्य अध्ययन-4 250 नंबर
वैकल्पिक पेपर-1- 250 नंबर
वैकल्पिक पेपर-2- 250 नंबर
पर्सनॉलिटी टेस्ट- 275 नंबर
संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कोई सी भी एक भाषा का प्रश्न पत्र- 300 नंबर
अंतिम पायदान- साक्षात्कार