पटना: आरक्षण मामले पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से भारतीय जनता पार्टी को लगातार निशाना बनाए जाने के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए मौजूदा आरक्षण प्रणाली के प्रति प्रतिबद्ध है।
शाह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा आरक्षण नीति की समीक्षा संबंधी पिछले महीने की गई टिप्पणी से पैदा हुए विवाद पर कहा, भाजपा आरक्षण नीति में किसी प्रकार के बदलाव का समर्थन नहीं करती है, बल्कि वह वर्तमान आरक्षण नीति का समर्थन करती है। हम दलितों, जनजातियों, पिछड़े वर्गों और अन्य को दिए गए इन संवैधानिक अधिकारों को अनुल्लंघनीय बनाए रखने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
लालू प्रसाद और नीतीश कुमार ने आरक्षण नीति की समीक्षा संबंधी भागवत के बयान का जिक्र करते हुए संख्या के आधार पर मजबूत पिछड़े एवं दलित समुदायों से विधानसभा चुनाव प्रचार मुहिम के दौरान कहा था कि भाजपा वर्तमान आरक्षण नीति की समीक्षा करेगी या इसे समाप्त कर देगी। शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार बार कहा है कि मौजूदा आरक्षण नीति बरकरार रहेगी और भाजपा का इसमें किसी भी तरह का बदलाव करने का कोई इरादा नहीं है। शाह ने इस बात को भी सिरे से खारिज कर दिया कि संघ प्रमुख ने आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग कभी की भी थी।
शाह बोले याद रखो 1990 नहीं 2015 है-
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, प्रसाद को यह याद रखना चाहिए कि यह 1990 नहीं, 2015 है। पिछले 25 साल में गंगा में बहुत सा पानी बह चुका है। उन्होंने कहा, “विकास को केंद्रीय मुद्दा बनाने की राजग की कोशिश को पटरी से उतरने नहीं दिया जाएगा। मुद्दे उठाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। हम राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए वोट मांग रहे हैं ताकि अगली राज्य सरकार केंद्र के साथ तालमेल रखते हुए काम कर सके और विकास कार्यों आगे ले जाते हुए उन्हें तर्कसंगत परिणति तक पहुंचा सके।” उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान में राजग के हिस्से में कुल 49 में से 32-34 सीटें और दूसरे चरण में 32 में से 22-24 सीटें आने की उम्मीद है।