नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक अनिल सिन्हा ने आज इस दावे का खंडन करने की काशिश की कि एजेंसी राजनीतिक हथियार की तरह काम कर रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके कार्यकाल में किसी भी राजनीतिक नेता ने पक्षधरता की मांग करते हुए उन्हें फोन नहीं किया।
सीबीआई निदेशक इस बात को लेकर भी आशावादी नजर आए जब उन्होंने दावा किया कि दाउद इब्राहिम को वापस लाने की कोशिशें चल रही हैं और सरकार की सभी एजेंसियां इस दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, मैं (दाउद इब्राहिम को वापस लाने पर) कोई समय सीमा नहीं दे सकता लेकिन किसी को भी शक नहीं होना चाहिए.. (छोटा राजन के) इस मामले में हमें कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग मिला।
सीबीआई प्रमुख ने कहा कि यह 6 माह का अभियान था जिस दौरान राजन का पता लगाया गया और कानून का सामना करने के लिए उसे देश में लाया गया। उन्होंने कहा कि यदि अन्य देशों से ऐसा ही सहयोग मिला तो दाउद को वापस लाने का प्रयास भी सफल होगा। वैसे उन्होंने यह कहते हुए कोई भी ब्योरा देने से इनकार कर दिया कि अभियान के ब्योरे का खुलासा करने से यह कोशिश औंधे मुंह गिर सकती है।