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'असहिष्णुता' पर अनुपम खेर ने आमिर को आड़े हाथों लिया

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 24, 2015 10:16 am IST,  Updated : Nov 24, 2015 10:24 am IST

नई दिल्ली: आमिर खान के भारत में असहिष्णुता पर दिए बयान से विवाद खड़ा होता दिख रहा है। अभिनेता अमुपम खेर ने ट्विटर पर आमिर खान को आड़ें हाथों लिया है। अनुपम खेर ने कई

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'असहिष्णुता' पर अनुपम खेर ने आमिर को आड़े हाथों लिया

नई दिल्ली: आमिर खान के भारत में असहिष्णुता पर दिए बयान से विवाद खड़ा होता दिख रहा है। अभिनेता अमुपम खेर ने ट्विटर पर आमिर खान को आड़ें हाथों लिया है। अनुपम खेर ने कई सिलसिलेवार ट्वीट कर लिखा है कि, "प्रिय आमिर खान, "क्या आपने कभी किरण से यह पूछा कि वह किस देश जाना चाहती हैं? क्या आपने उन्हें बताया कि इस देश ने आपको आमिर खान बनाया है?"

अनुपम ने एक और ट्वीट में आमिर से पूछा कि, "प्रिय आमिर खान, क्या आपने किरण को यह बताया है कि आपने देश में इससे भी बुरे दौर को देखा है, लेकिन कभी देश छोड़ने के बारे में नहीं सोचा।"

खेर ने आमिर पर हमले जारी रखते हुए ट्वीट किया कि, प्रिय आमिर खान, " 'इंक्रेडिबल इंडिया' आपके लिए 7-8 महीने में ही असहिष्णु हो गया।"

अनुपम खेर ने अपने आखिरी ट्वीट में जोरदार हमला बोलते हुए ट्वीट किया कि असहिषणुता के इस माहौल में आप 2 मिलियन भारतीय को क्या सलाह देंगे, देश छोड़ने की या सत्ता परिवर्तन की।

आमिर खान एक कार्यक्रम के दौरान देश में बढ़ती असहिष्णुता के खिलाफ आवाज उठाने वालों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था, "कई घटनाओं ने उन्हें चिंतित किया है और उनकी पत्नी किरण राव ने यहां तक सुझाव दे दिया कि उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।"

असुरक्षा और भय की भावना बढ़ी है:

आमिर खान ने कहा कि, वह महसूस करते हैं कि पिछले छह से आठ महीने में असुरक्षा और भय की भावना बढ़ी है।

उन्होंने कहा, मैं जब घर पर किरण के साथ बात करता हूं, वह कहती हैं कि क्या हमें भारत से बाहर चले जाना चाहिए? किरण का यह बयान देना एक दुखद एवं बड़ा बयान है। उन्हें अपने बच्चे की चिंता है। उन्हें भय है कि हमारे आसपास कैसा माहौल होगा। उन्हें प्रतिदिन समाचारपत्र खोलने में डर लगता है।

50 वर्षीय आमिर ने कहा, यह बेचैनी बढ़ने की भावना का संकेत है, चिंता के अलावा निराशा बढ़ रही है। आप महसूस करते हैं कि यह क्यों हो रहा है, आप कमजोर महसूस करते हैं। मेरे भीतर यही भावना है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लिए सुरक्षा की भावना और न्याय की भावना होनी जरूरी है।

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