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'दरवाजे पर आपूर्ति' को पहले दिन अच्छी प्रतिक्रिया: दिल्ली सरकार

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Sep 11, 2018 06:42 am IST,  Updated : Sep 11, 2018 06:42 am IST

दिल्ली सरकार ने सोमवार को 40 सार्वजनिक सेवाओं की घर के दरवाजे पर आपूर्ति की सेवा शुरू कर दी। राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले लोगों से इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

Arvind Kejriwal- India TV Hindi
Arvind Kejriwal launches doorstep delivery of 40 govt services

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने सोमवार को 40 सार्वजनिक सेवाओं की घर के दरवाजे पर आपूर्ति की सेवा शुरू कर दी। राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले लोगों से इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली और कुछ घंटों में ही 369 ऑर्डर मिल गए। दिल्ली सरकार ने एक बयान में कहा कि दिल्ली सचिवालय में सेवा का शुभारंभ करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अगले कुछ दिनों तक घंटों की दर में सेवा पर नजर रखेंगे।

सेवा शुरू होने के कुछ घंटों में ही कॉल की भरमार

सेवा शुरू होने के कुछ घंटों में ही हॉटलाइन नंबर 1076 पर कॉल की भरमार हो गई। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, अपराह्न् 1.30 बजे तक 1,200 कॉल आ चुके थे और 200 ऑर्डर मिल चुके थे। शाम छह बजे तक 2,728 फोन आ चुके थे, जिनमें 1,286 कॉल सीधे जुड़ गईं और शेष पर ऑपरेटर ने वापस कॉल किया।

आधिकारिक आंकड़े के अनुसार, "कुल 21,000 बार कॉल करने की कोशिशें की गईं, लेकिन हाई ट्रैफिक की वजह से नहीं लगी। ऑपरेटर प्रत्येक नंबर पर वापस कॉल करेंगे।" लिए गए कुल ऑर्डरों में से सात मामलों में दस्तावेज इकट्ठे भी कर लिए गए हैं। इसके अनुसार, "हालांकि पहले दिन आई कॉलों की संख्या की तुलना में अन्य दिनों में कम कॉलें आएंगी, क्योंकि कई कॉलरों ने सिर्फ अपनी जिज्ञासा के कारण या सेवा शुरू होने की पुष्टि करने के लिए ही कॉल की।"

CCTV, Wi-Fi योजनाओं पर भी काम चल रहा है 

इस पहल के मुख्य विचारक और प्रौद्योगिकी और भ्रष्टाचार निरोधक मुद्दों पर केजरीवाल के सलाहकार गोपाल मोहन इस योजना पर पिछले तीन सालों से काम कर रहे थे। वह दिल्ली सरकार की वाई-फाई और सीसीटीवी योजनाओं पर भी बहुत नजदीकी से काम कर रहे हैं। मोहन ने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं से प्रत्येक नागरिक के सहज नहीं होने के कारण योजना बनानी जरूरी था। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2015 में जब इसकी योजना बनी तो ऑनलाइन तंत्र में मात्र 7-8 फीसदी लोग ही सहज थे, लेकिन विभिन्न कारणों से इसे लागू नहीं किया जा सका।

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