लखनऊ: लखनऊ के आशियाना गैंगरेप केस के मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला को 10 साल की सजा सुनाई गई है। गैंगरेप के लगभग 11 साल बाद तक गौरव शुक्ला पर बलात्कार का केस नहीं चल पाया क्योंकि ये साबित नहीं हो पाया कि बलात्कार के वक़्त वह बालिग था या नाबालिग।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष जज अनिल कुमार शुक्ल ने सजा सुनाने के साथ मुख्य आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सजा सुनाये जाने के समय गौरव शुक्ला अदालत में मौजूद था।
इससे पहले अभियोजन पक्ष ने मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला को इस मामले में अधिकतम सजा सुनाये जाने की अपील की। जबकि बचाव पक्ष ने मुख्य आरोपी के परिवार का हवाला देते हुए उसे कम से कम सजा देने की गुजारिश की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष जज ने उसको 10 साल की सजा सुनाई। बीती 13 अप्रैल को मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला को इस मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद उसको गिरफ्तार कर लखनऊ जेल भेज दिया गया था।
दो मई 2005 के आशियाना गैंग रेप के इस मामले में गौरव शुक्ला समेत कुल छह लोग मुल्जिम बनाए गए थे। इनमें से तीन आरोपियों भारतेंदु मिश्र व अमन बक्शी को 10-10 साल की व फैजान उर्फ फज्जू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जबकि किशोर घोषित होने के बाद दो आरोपियों की मौत हो चुकी है। गौरव खुद को नाबालिग बताकर इस मामले में लगातार बचने की कोशिश करता रहा था।