पुणे: विदेशों में मौजूद आईएसआईएस से जुड़े लोगों की ओर से पुणे की जिस 16 साल की लड़की के दिमाग में कथित कट्टरपंथी सोच भरने की कोशिश की गई थी और जिसे सीरिया जाने के लिए उकसाया जा रहा था, उस लड़की से पुणे के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने पूछताछ की। एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि लड़की को एक ऐसे कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भेजा गया है जिससे उसके दिमाग में घर कर चुकी कट्टरपंथी सोच को खत्म किया जा सके। अधिकारी ने बताया कि लड़की 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक मेधावी छात्रा है और वह शहर के एक कॉलेज में पढ़ती है।
एटीएस के अनुसार वह पिछले 4 महीनों से इंटरनेट के माध्यम से आईएसआईएस के संपर्क में है। वह श्रीलंका के आईएसआईएस एजेंट से संपर्क में आई और अगले साल वह सीरिया जाने की योजना भी बना चुकी थी। पिछले दिनों वह जयपुर से गिरफ्तार किए गए सिराजुद्दीन के संपर्क में भी थी। पुणे शहर की यह लड़की विदेश के कई लोगों से फेसबुक, ट्विटर, टेलीग्राम और ईमेल के जरिए संपर्क में थी। छानबीन के दौरान एटीएस को ये जानकारी मिली।
जानकारी के अनुसार कई दिनों से उस पर नजर रखी जा रही थी। जब कंफर्म हो गया कि लड़की आईएस के टच में है तो उससे पूछताछ की गई। वह 11वीं कक्षा में पढ़ती है और अब तक 90 प्रतिशत तक अंक लाती रही है। आईएस से संपर्क में आने के बाद उसके व्यवहार में भी बदलाव देखा गया। पहले वह जींस पहनती थी लेकिन अब बुर्का और हिजाब पहनने लगी थी। एटीएस के सूत्रों की मानें तो वो जल्द ही देश छोड़कर आईएसआईएस ज्वॉइन करने वाली थी। एटीएस जानने में लगा हुआ है कि भारत में वह और किसके संपर्क में है।