नई दिल्ली: बैंकों के एक संघ ने गुरुवार को कारोबारी विजय माल्या के 4000 करोड़ वापस करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इनमें से आधे बैंकों का खत्म हो चुकी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस का बकाया है। बकाएदारों बैंकों के नेतृत्व के तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट को इस आशय की जानकारी दी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए गुरुवार को माल्या से 21 अप्रैल तक अपनी सभी संपत्तियों का ब्यौरा देने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि माल्या कोर्ट में बताएं कि देश कब आएंगे। मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को होगी।
माल्या के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में पिछले हफ्ते कहा था कि वह सितंबर तक 4000 करोड़ वापस लौटना चाहते हैं, इसके अलावा 2000 करोड़ और दे सकते हैं अगर किंगफिशर इंजन खराब होने की अपनी कानूनी जंग जीत जाता है तो। सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों ने माल्या के प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखने को एक हफ्ते का वक्त दिया था।
विजय माल्या, किंगफिशर एयरलाइंस, युनाइटेड ब्रेवेरीज होल्डिंग्स और किंगफिशर फिनवेस्ट इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट में लोन चुकाने के लिए ऑफर के दस्तावेज जमा किए थे। गौरतलब हो कि विजय माल्या और किंगफिशर एयरलाइंस ने 17 बैंको से 9000 करोड़ का कर्ज लिया था।