पटना: बिहार में बाढ़ से आज आठ लोगों के मरने के साथ मृतकों की कुल संख्या 135 हो गई है। गंगा के उफान पर आने के चलते दूसरी बार आई बाढ़ में सबसे अधिक भोजपुर जिले में 12 लोग मारे गए हैं।
31.33 लाख लोग प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग ने एक बयान में कहा कि गंगा, सोन, पुनपुन, बूढ़ी गंडक, घाघरा, कोसी और अन्य नदियां उफान पर रहने के चलते आई बाढ़ से 12 जिलों में 1,934 गांवों में 31.33 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
चार जिलों में गंगा खतरा के निशान से ऊपर
भोजपुर जिले के बाद दूसरी बार आई बाढ़ में वैशाली में सात, समस्तीपुर में छह, सारन में पांच, भागलपुर और खगडि़या में दो-दो और बक्सर, लखीसराय व मुंगेर में एक-एक लोग की मौत हुई। जिले के चार जिलों के विभिन्न हिस्सों में गंगा खतरे के निशान से उपर बह रही है जिसमें पटना में दिघा घाट, गांधी घाट, हाथीदाह, भागलपुर जिले में भागलपुर व कहलगांव, मुंगेर और बक्सर जिले शामिल हैं।
कुल 433 राहत शिविर
बाढ़ प्रभावित 12 जिलों में बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारन, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगडि़या, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। इस बाढ़ में 28 पशु भी डूब गए। कुल 3.44 लाख लोगों को बाहर निकाला गया है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में 433 राहत शिविर चल रहे हैं जहां 1. 74 लाख लोगों ने शरण ली है।
मुख्यमंत्री ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा
प्रभावितों को कुल 227 चिकित्सा टीमें सेवाएं मुहैया करा रही हैं। इसके अलावा, पशुओं के लिए 108 शिविर खोले गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में विभिन्न राहत शिविरों का दौरा किया और लोगों से बातचीत की।