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बिहार : डिप्टी सीएम सुशील मोदी की बहन के घर इनकम टैक्स का छापा

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 06, 2018 08:48 pm IST,  Updated : Sep 06, 2018 08:48 pm IST

आयकर विभाग की टीम ने रेखा मोदी के पटना के एस़ पी़ वर्मा रोड स्थित सरस्वती अपार्टमेंट स्थित उनके आवास में दोपहर के बाद छापेमारी की। 

Sushil Modi- India TV Hindi
Sushil Modi

पटना: बिहार में सृजन घोटाले के मामले में आयकर विभाग की एक टीम ने गुरुवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की बहन रेखा मोदी के यहां स्थित आवास पर छापेमारी की। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आयकर विभाग की टीम ने रेखा मोदी के पटना के एस़ पी़ वर्मा रोड स्थित सरस्वती अपार्टमेंट स्थित उनके आवास में दोपहर के बाद छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी चर्चित सृजन घोटाले के मामले में की गई है। आरोप है कि रेखा मोदी ने सृजन स्वयंसेवी संचालकों से आभूषणों की खरीदारी करने का आरोप है। 

उपमुख्यमंत्री मोदी ने एकबार फिर रेखा मोदी से किसी प्रकार के संबंधों को नकारा है। मोदी ने एक ट्वीट कर लिखा, "रेखा मोदी मेरे दूर की चचेरी बहन है। मेरा उसके साथ कोई व्यापार या वित्तीय संबंध नहीं है। वह कई आपराधिक मामलों में शामिल है। एक मामले में उसने मेरा नाम भी घसीटा है। पिछले 10 सालों में उससे मुलाकात नहीं हुई है।" ​सुशील मोदी इससे पहले भी रेखा से अपने संबंधों को नकारते रहे हैं। 

इस बीच राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने इस छापेमारी को लेकर एकबार फिर सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने कहा, "सृजन घोटाले में मेरे खुलासे के बाद सुशील मोदी को बचाने के लिए उनकी बहन के घर आयकर विभाग की छापेमारी हो रही है।" उन्होंने दावा करते हुए कहा कि असली गुनाहगार सुशील मोदी हैं। उनके वित्तमंत्री रहते ही बिहार के वित्तीय बजट का करोड़ों रुपये लुटाए गए। मोदी ने ही सृजन संस्था के खाते से अपनी बहन के खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवाया है। तेजस्वी ने कहा कि अगर इस मामले की सही ढंग से जांच हो तो सुशील मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों फंसेंगे। 

उल्लेखनीय है कि भागलपुर जिले के कई सरकारी खातों का पैसा स्वयंसेवी संस्था 'सृजन महिला विकास सहयोग समिति' के खाते में रखा जा रहा था। एक सरकारी चेक के बाउंस होने के बाद इस मामले का भंडाफोड़ हुआ। अगस्त, 2017 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की सिफारिश की। इस मामले में अब तक 14 मामले दर्ज किए गए हैं। 

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