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BJP ने सांसदों को जारी किया व्हिप, रविवार को सदन में मौजूदगी जरूरी

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 19, 2020 03:00 pm IST,  Updated : Sep 19, 2020 03:00 pm IST

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सांसदों की सदन में मौजूदगी के लिए व्हिप जारी किया है। दरअसल, रविवार को किसानों से संबंधित बिल राज्यसभा में पेश किए जाने हैं।

BJP ने सांसदों को जारी किया व्हिप, रविवार को सदन में मौजूदगी जरूरी- India TV Hindi
BJP ने सांसदों को जारी किया व्हिप, रविवार को सदन में मौजूदगी जरूरी Image Source : FILE

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सांसदों की सदन में मौजूदगी के लिए व्हिप जारी किया है। दरअसल, रविवार को किसानों से संबंधित बिल राज्यसभा में पेश किए जाने हैं। ऐसे में BJP को इन्हें पास कराने के लिए अपने सभी सांसदों की मौजूदगी की जरूरत होगी। बता दें कि इससे पहले यह बिल लोकसभा में पास हो चुके हैं। सरकार पहले ही अध्याधेश के जरिए नियम लागू कर चुकी है, पर क्योंकि अब संसद सत्र शुरू हो चुका है तो इसे संसद के दोनों सत्रों से पास कराना भी जरूरी है।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन विधेशक पेश किए और वह पास भी हो गए। यह विधेयक जरूरी वस्तु अधिनियम 2010 (Essential Commodity Act 2010), Farming Produce Trade and Promotion और न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हैं। इन तीनों विधेयकों को लेकर हंगामा भी हुआ। शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर (Harsimrat Badal) ने इनके विरोध में ही मोदी कैबिनेट (Modi cabinet) से इस्तीफा (Resign) दे दिया।

पहला बिल, जरूरी वस्तु अधिनियम 2010 (Essential Commodity Act 2010) में सुधार को लेकर है। सुधार के जरिए कृषि क्षेत्र की कायापलट करना और किसानों की आय बढ़ाना मकसद है। किसानों को अपनी फसल स्टॉक करने या बेचने का अधिकार दिया गया है। मौजूदा जरूरी वस्तु अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति जरूरी वस्तुयों का तय लिमिट से ज्यादा स्टॉक नहीं कर सकता। लेकिन नए बिल के जरिए किसानों को छूट होगी और बिल के जरिए कृषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र और एफडीआई का निवेश बढ़ने की बात कही गई है। बिल में कहा गया है कि किसान जब भी किसी जरूरी फसल का ज्यादा उत्पादन करते हैं तो बाजार में उस फसल का भाव गिर जाता है और किसानों को नुकसान होता है। बिल में किसानों की फसल के लिए पर्याप्त प्रोसेसिंग व्यवस्था किए जाने का प्रावधान है ताकि उपज को खराब होने से रोका जा सके।

दूसरा बिल Farming Produce Trade and Promotion है, जिसमें APMC एक्ट में सुधार की बात कही गई है। फिलहाल मौजूदा व्यवस्था के तहत APMC एक्ट के जरिए किसानों को अपनी फसल मंडी में बेचने के लिए बाध्य होना पड़ता है लेकिन सरकार ने जो सुधार किया है उसके तहत किसान कहीं भी अपनी फसल बेच सकेंगे। मंडियों में बैठे आढ़तियों को बेचने पर मजबूर होना पड़ता है लेकिन जो सुधार किया गया है उसके तहत किसान अपनी फसल किसी को भी बेच सकेंगे।

तीसरे बिल में किसानों को उनकी उपज का जायज भाव दिलाने की बात कही गई है और उसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को बनाए रखा गया है। साथ में किसान चाहें तो फसल लगाने से पहले ही प्रोसेसर, एग्रिगेटर, बड़े रिटेलर या निर्यातक से करार कर सकता है। इससे किसान को यह लाभ होगा कि फसल का भाव अगर बाजार ऊपर नीचे भी हुआ तो भी उसे वही भाव मिलेगा जिसपर उसने करार किया हुआ है।

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