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अंबाला: CM खट्टर को दिखाए गए काले झंडे, सरकार के खिलाफ हुई नारेबाजी

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Dec 22, 2020 06:10 pm IST,  Updated : Dec 22, 2020 07:59 pm IST

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के एक समूह ने मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उस ववक्त काले झंडे दिखाए, जब उनका काफिला अंबाला शहर से गुजर रहा था।

अंबाला: CM खट्टर को दिखाए गए काले झंडे, सरकार के खिलाफ हुई नारेबाजी- India TV Hindi
अंबाला: CM खट्टर को दिखाए गए काले झंडे, सरकार के खिलाफ हुई नारेबाजी Image Source : PTI/FILE

अंबाला: केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के एक समूह ने मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को उस ववक्त काले झंडे दिखाए, जब उनका काफिला अंबाला शहर से गुजर रहा था। सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस उन्हें सुरक्षित निकालने में कामयाब रही। 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अंबाला में आगामी निकाय चुनावों में महापौर और पार्षद के प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित करने आए थे। मुख्यमंत्री का काफिला जब अग्रसेन चौक को पार कर रहा था, तब किसानों ने काले झंडे दिखाए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि जब तक नए कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा सितंबर माह में लागू किए गए कृषि कानूनों का बड़ी संख्या में किसान विरोध कर रहे हैं। पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र द्वारा हाल ही में लागू किए गये कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। उनकी दलील है कि कालांतर में बड़े कॉरपोरेट घराने अपनी मर्जी चलायेंगे और किसानों को उनकी उपज का कम दाम मिलेगा।

किसानों को डर है कि नए कानूनों के कारण मंडी प्रणाली के एक प्रकार से खत्म हो जाने के बाद उन्हें अपनी फसलों का समुचित दाम नहीं मिलेगा और उन्हें रिण उपलब्ध कराने में मददगार कमीशन एजेंट ‘‘आढ़ती’’ भी इस धंधे से बाहर हो जायेंगे। किसानों की अहम मांग इन तीनों कानूनों को वापस लेने की है, जिनके बारे में उनका दावा है कि ये कानून उनकी फसलों की बिक्री को विनियमन से दूर करते हैं।

ये किसान प्रस्तावित बिजली (संशोधन) विधेयक 2020 को भी वापस लेने पर जोर दे रहे हैं। उन्हें आशंका है कि इस विधेयक के कानून का रूप लेने के बाद उन्हें बिजली में मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएगी। जिन कानूनों को लेकर किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वे कृषक उपज व्‍यापार और वाणिज्‍य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम- 2020, कृषक (सशक्‍तिकरण व संरक्षण) कीमत आश्‍वासन और कृषि सेवा पर करार अधिनियम- 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम- 2020 हैं।

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