नई दिल्ली: केन्द्र ने मंगलवार को उच्च न्यायालय को बताया कि वह सूखाग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति के प्रति सचेत है और राज्य इस प्राकृतिक आपदा वाले इलाकों में किसानों को हरसंभव मदद पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। अतिरिक्त सालिसिटर जनरल पीएस नरसिंह ने न्यायमूर्ति एमबी लोकुड़ और न्यायमूर्ति एनवी रमण की पीठ से कहा, हम सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पैदा स्थिति को लेकर पूरी तरह से सचेत हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य किसानों को राहत देने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हम प्रतिबद्ध हैं और हम हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आरोप गलत है कि कुछ नहीं किया गया और जमीनीस्तर पर कुछ नहीं हो रहा है। नरसिंह ने कहा, हमने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया। किसी भी तरह से यह सोचना कि चीजें नहीं हो रही हैं, गलत है। जो दिख रहा है उससे कहीं ज्यादा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को राहत नहीं दिए जाने संबंधी बेल्यिजम में जन्मे भारतीय विकास अर्थशास्त्री जियान ड्रेज और स्वराज अभियान की रिपोर्ट सही नहीं है। इस पर पीठ ने कहा कि लोगों की अलग अलग स्थितियां पर अलग अलग राय हो सकती है और केन्द्र को इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए। पीठ ने दलीलें सुनने के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा।