नई दिल्ली: पेगासस जासूसी मामले में कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर देशद्रोह का आरोप लगाया और गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि 'मोदी सरकार ने देशद्रोह किया है। राष्ट्र सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है। बीजेपी का नाम बदलकर अब भारतीय जासूस पार्टी रख देना चाहिए। मोदी सरकार खुद यह नृशंश (अत्याचारी) काम कर रही है।'
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "राहुल गांधी सहित देश के विपक्षी नेताओं, देश के सम्मानित अलग-अलग मीडिया संगठनों के पत्रकारों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जासूरी करवाई है।" वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमित शाह को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा, "अमित शाह जी को इसी वक्त इस्तीफा देना चाहिए।"
Pegasus स्पाईवेयर कैसे काम करता है?
बता दें कि Pegasus स्पाइवेयर एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो व्हाट्सएप जैसे एप समेत फोन में अन्य एप्लिकेशन को हैक कर सकता है। ये सॉफ्टवेयर इज़रायली कंपनी NSO Group द्वारा डेवलेप किया गया है। पेगासस एक स्पाइवेयर है जिसे इसराइली साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ग्रुप टेक्नॉलॉजीज़ ने बनाया है। ये एक ऐसा प्रोग्राम है जिसे अगर किसी स्मार्टफोन फोन में डाल दिया जाए तो कोई हैकर उस स्मार्टफोन के माइक्रोफोन, कैमरा, ऑडियो और टेक्सट मेसेज, ईमेल और लोकेशन तक की जानकारी हासिल कर सकता है। पेगासस के इस्तेमाल से हैक करने वाले को उस व्यक्ति के फ़ोन से जुड़ी सारी जानकारियां मिल सकती हैं।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद NSO ग्रुप ने अपनी सफाई दी है। कंपनी के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट्स में जो आरोप लगाए गए हैं और जिन मुद्दों की बात की गई है, वह पूरी तरह से गलत है। हालांकि सरकार ने अपने स्तर पर खास लोगों की निगरानी संबंधी आरोपों को खारिज किया है। सरकार ने कहा,‘‘ इसका कोई ठोस आधार नहीं है या इससे जुड़ी कोई सच्चाई नहीं है।’’ सरकार ने मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए कहा,‘‘भारत एक मजबूत लोकतंत्र है और वह अपने सभी नागरिकों के निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार के तौर पर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
साथ ही सरकार ने ‘‘जांचकर्ता, अभियोजक और ज्यूरी की भूमिका’’ निभाने के प्रयास संबंधी मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया। रिपोर्ट को भारत के न्यूज पोर्टल ‘द वायर’ के साथ-साथ वाशिंगटन पोस्ट, द गार्डियन और ले मोंडे सहित 16 अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों ने पेरिस के मीडिया गैर-लाभकारी संगठन फॉरबिडन स्टोरीज और राइट्स ग्रुप एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा की गई एक जांच के लिए मीडिया पार्टनर के रूप में प्रकाशित किया है।
यह जांच दुनिया भर से 50,000 से अधिक फोन नंबरों की लीक हुई सूची पर आधारित है और माना जाता है कि इजरायली निगरानी कंपनी एनएसओ ग्रुप के पीगैसस सॉफ्टवेयर के माध्यम से संभवतया इनकी हैकिंग की गई है। द वायर ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मीडिया जांच परियोजना के हिस्से के रूप में किए गए फोरेंसिक परीक्षणों में 37 फोन को पीगैसस जासूसी सॉफ्टवेयर द्वारा निशाना बनाए जाने के स्पष्ट संकेत मिले हैं, जिनमें से 10 भारतीय हैं।