श्रीनगर: कश्मीर में सेना को बदनाम करने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। हंदवाड़ा में जिस लड़की के साथ छेड़छाड़ की अफवाह उड़ाकर अलगाववादियों ने दो नौजवानों की मौत के बाद आज कश्मीर बंद का आह्वान किया है उसी लड़की ने कश्मीर में आर्मी के खिलाफ अलगाववादियों की साजिश का पर्दाफाश किया। लड़की ने कहा है कि उसके साथ सेना के जवानों ने कोई बदसलूकी नहीं की।
लड़की ने कहा कि, "जब हमारी छुट्टी हुई तो मैंने अपना बैग अपनी दोस्त को दे दिया और वॉशरूम चली गई। जब मैं वापस निकली और अपने दोस्त से बैग लिया तो किसी लड़के ने बैग छीनकर मुझे थप्पड़ मारा। मैंने शोर मचाया, इस बीच काफी लड़के जमा हो गए और उस लड़के ने मुझसे कहा पुलिस स्टेशन चलो।"
लड़की ने अपने साथ हुई बदसलूकी की बात को नकार दिया लेकिन इससे पहले अलगाववादियों की फैलाई गई अफ़वाह की चिंगारी ने आग का रूप ले लिया। लड़की से बदसलूकी की खबर आग की तरह फैली और सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। पहले नारेबाज़ी और हंगामा किया और फिर पत्थरबाज़ी शुरू कर दी। जिसके बाद हालात बिगड़ गए और सेना को मोर्चा संभलना पड़ा, लोग हिंसा पर उतारू हो गए तो सेना को मजबूरी में गोली चलानी पड़ी और इस कार्रवाई में दो लोगो की जान चली गई।
हंदवाड़ा में इस बिगड़े हालात का अलगाववादी भी फायदा उठाने में पीछे नहीं रहे और इस मामले को हवा देते हुए कहना शुरू कर दिया कि लड़की से छेड़छाड़ का विरोध करने पर सेना ने दो लड़कों को मार गिराया। इतना ही नहीं अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने आज कश्मीर बंद का आह्वान भी किया है।
सेना ने भी इस मुद्दे पर अपनी सफाई दी है और इसे सेना को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। आर्मी ने अपनी सफाई में ये भी कहा है कि अलगाववादी काफी दिनों से सेना के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे। लोगो को भड़काने की कोशिश कर रहे थे कुछ दिन पहले दो आतंकियों के एनकाउंटर की आड़ में भी अलगाववादियों ने कुछ इसी तरह की कोशिश की थी।
ये कोई पहला मौका नहीं है जब एक अफवाह उड़ाकर दो लड़कों की मौत पर अलगाववादी सियासी रोटी सेंकने की कोशिश कर रहे हैं। घाटी को अशांति की आग में झोंकने का ये अलगाववादियों का आजमाया हुआ पुराना तरीका है। इसी नुस्खे को अलगाववादियों ने एक बार फिर दोहराया है।