1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 'पैलेट गन के इस्तेमाल की SOP क्या है?' सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार से सवाल, दायर की गई है याचिका

'पैलेट गन के इस्तेमाल की SOP क्या है?' सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार से सवाल, दायर की गई है याचिका

 Reported By: Atul Bhatia Written By: Subhash Kumar
 Published : Jul 30, 2026 11:41 am IST,  Updated : Jul 30, 2026 12:17 pm IST

सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर कदम उठाते हुए पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। कोर्ट ने नोटिस में सवाल किया है कि पैलेट गन के इस्तेमाल की SOP क्या है?

supreme court notice on pellete gun- India TV Hindi
सुप्रीम कोर्ट ने किया पैलेट गन के इस्तेमाल पर किया सवाल। Image Source : PTI

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। सर्वोच्च अदालत में एक याचिका दायर की गई है जिसमें पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की गई है। अब सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार से पूछा है कि पैलेट गन के इस्तेमाल की SOP क्या है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, रिटायर्ड इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर यशोवर्धन आजाद और जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन से घायल हुए दो पीड़ित लोगों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन का कैसे इस्तेमाल होगा, उसके इस्तेमाल की SOP क्या होगी।इस मामले पर जवाब मांगा है। 

याचिका में क्या मांग की गई?

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा है कि पैलेट गन पर बैन लगाने की मांग में संशोधन करे। दायर की गई याचिका में पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की गई है। याचिका में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार एजेंसियों द्वारा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक (डीकमीशन) लगाने की मांग की गई है। आपको बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि NEET प्रदर्शन के दौरान हिरासत और गिरफ्तारी में लिए गए छात्रों को तुरंत छोड़ दिया जाए।

मुआवजा और इलाज की मांग

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई पुलिस की कार्रवाई के दौरान पेलेट से घायल हुए सभी पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने और साथ ही पीड़ितों का इलाज कराए जाने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल अपने आप में अनुचित है, क्योंकि यह गैर संवैधानिक होने के साथ ही तर्क की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।

ये भी पढ़ें- 'शांतिपूर्ण विरोध संवैधानिक गारंटी, पुलिस की ज्यादती सही नहीं', सुप्रीम कोर्ट का बड़ा बयान, पूरे देश में प्रोटोकॉल बनाने पर विचार

छात्रों को परेशान करना बंद करें, नहीं तो CJP जल्द विरोध-प्रदर्शन करेगी, अभिजीत दीपके ने दी चेतावनी

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत