नई दिल्ली: गुजरात पुलिस के कथित एनकाउंटर में मारी गई इशरत जहां लश्कर-ए-तैयबा की आत्मघाती हमलावर थी। मुंबई हमलों से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड हेडली ने इशरत जहां के संबंध में गुजरात पुलिस की ओर से किए दावे को दोहराया है। यह बात अमेरिका में जन्मे हेडली ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को पूछताछ में बताया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हेडली ने यह सूचना एनआई और विधि विभाग की चार सदस्यीय टीम के साथ उस समय साझा की जब यह टीम अमेरिका के शिकागो गई थी। गौरतलब है कि इशरत जहां के एनकाउंटर को लेकर देश में बड़ा विवाद छिड़ा था। उसे कथित तौर पर लश्कर के आत्मघाती दस्ते का सदस्य बताया था जिसे लश्कर के मुजामिल ने अपने दस्ते में शामिल किया था।
हेडली के इस खुलासे से गुजरात पुलिस और केंद्र के रुख की पुष्टि हुई है। इशरत के परिवार ने दावा किया था कि इशरत एक छात्रा थी। परिवार में इस मामले में कोर्ट में अपील दायर की है। दूसरी ओर, गुजरात पुलिस ने कहा था कि अहमदाबाद में मारे गए आतंकी राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने के इरादे से वहां पहुंचे थे।
सूत्र बताते हैं कि लश्कर के लिए हेडली का भारत में रेकी का मिशन वर्ष 2006 में शुरू हुआ था। गौरतलब है कि इशरत जहां 15 जून 2004 को जावेद शेख उर्फ प्रणेश पिल्लई और पाकिस्तान के दो युवकों अमजद अली और जीशान जोहर अब्दुल गनी के साथ अहमदाबाद के बाहरी इलाके में मुठभेड़ में मारी गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ये सभी लोग एक कार में सवार थे। उधर, इशरत की मां शमीमा कौसर ने गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें कहा गया है कि उनकी बेटी जावेद शेख के परफ्यूम बिजनेस में सेल्स गर्ल का काम करती थी।