नई दिल्ली: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज नौसेना कमांडरों से कहा कि वे हिंद महासागर में समुद्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करें, जो उच्च आर्थिक गतिविधि का एक क्षेत्र बन गया है। पर्रिकर ने यहां कमांडरों के सम्मेलन में नौसेना के शीर्ष अधिकारियों को संबोधित करते हुए नौसेना में महिलाओं की अधिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए बल की प्रशंसा की। एक दिन पहले ही नौसेना ने घोषणा की थी कि शार्ट सर्विस कमीशन की 2008..2009 बैच की सात महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन प्रदान कर दिया गया है।
रक्षामंत्री ने संवाददाताओं से कहा, हिंद महासागर क्षेत्र उच्च गतिविधि का क्षेत्र बन रहा है, जरूरी नहीं कि ऐसी गतिविधि जो हमारी सुरक्षा के लिए एक खतरा हो, लेकिन वे एक खतरा बन सकती हैं। पर्रिकर ने कहा कि क्षेत्र में अधिक आर्थिक हितों को देखते हुए कोई दुर्घटना या तेल फैलने जैसी कोई दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने कहा, कुछ जलदस्यु यह सोच सकते हैं कि यह एक बेहतर स्थान है। विभिन्न आर्थिक हितों की वृद्धि और अन्य देशों की नौसेनाओं की मौजूदगी के मद्देनजर विभिन्न संभावनाएं हैं जो हो सकती हैं। हमारे पास पर्याप्त ताकत होनी चाहिए ताकि हम यह सुनिश्चित कर सकें कि हम स्वयं की रक्षा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत को क्षमताओं का निर्माण करना चाहिए जिसे वह हासिल करने में धीमा है। हिंद महासागर में चीन की पनडुब्बियों की मौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, हम सभी चीजों पर नजर रखते हैं, विशेष तौर पर चीन ही नहीं, हम सभी चीजों पर नजर रखते हैं। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाएगी जिसमें आपरेशन, खरीद, कर्मियों एवं साजो सामान मुद्दे शामिल हैं। तीन दिवसीय सम्मेलन का जोर मुख्य जोर पर नौसेना की युद्धक तैयारियों एवं संचालन तैयारियों की समीक्षा करना है, जिसमें तटवर्ती सुरक्षा, हिंद महासागर में सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला भी शामिल है।