नई दिल्ली: हरियाणा में जाट आंदोलन के पीछे हुए मुरथल गैंगरेप की वारदात की जांच एजेंसी एसआईटी ने जांच शुरु कर दी है। पुलिस ने अपील की है कि इस मामले में पीड़ित लोग सामने आएं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में अगर कोई पीड़ित सामने आता है तो उसे पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले एक चश्मदीद सामने आया है जिसका कहना है कि सब कुछ उसके सामने घटित हुआ था।
देश की राजधानी से महज 48 किलोमीटर दूर मुरथल में कथित गैंगरेप मामले में एक चश्मदीद सामने आ गया है। चश्मदीद ने इंडिया टीवी से कहा कि 22 फरवरी को कई लड़कों ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी किया। लड़कों ने महिलाओं को पहले तो कहा कि तुमको पीटेंगे यहां से भाग जाओ और जब वो भागने लगीं तो भीड़ ने उनके कपड़े फाड़ दिए और उनके साथ गलत काम किया।
चशमदीद का कहना है कि उसने सब देखा है अगर आरोपी उसके सामने आएंगे तो वो उन्हें पहचान लेंगे। इस वारदात को अंजाम देने वाले लड़के अभी सड़कों पर इधर-उधर घूम रहे हैं। यही नहीं यहां काफी आगजनी भी की गई है। हमारे सामने गाड़ियों को जला दिया गया। चशमदीद ने बताया कि यह सब करने वाले लड़के 20 साल से कम उम्र के थे।
वहीं मुरथल कांड की तहकीकात के लिए जांच टीम आज मौके पर पहुंची। इस टीम में तीन महिला अफसर शामिल हैं। सच का पता लगाने के लिए अब फॉरेंसिक टीम का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस ने सड़क किनारे झाड़ियों से मिले महिलाओं के कपड़ों को अपने कब्जे में ले लिया है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार और पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बता दें कि जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में मुरथल के पास नेशनल हाईवे-1 पर लगे जाम के दौरान महिलाओं के साथ गैंगरेप की खबर सामने आई। यह भी कहा जा रहा है कि 30 से अधिक बदमाशों ने एनसीआर की तरफ जाने वालों को रोका, उनके वाहनों को आग लगाई। कई लोग जान बचाकर भागे, लेकिन कुछ महिलाएं नहीं भाग पाईं। उनके कपड़े फाड़ दिए गये और उनके साथ बलात्कार किया गया। इस खौफनाक वारदात की पीड़ित महिलाएं तब तक खेतों में पड़ी रहीं जब तक कि उनके पुरुष रिश्तेदार और गांव हसनपुर और कुराड के लोग कपड़े और कंबल लेकर नहीं आ गए।