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'आंदोलनजीवी होने पर गर्व है', PM मोदी के बयान पर संयुक्त किसान मोर्चा का बयान

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Feb 08, 2021 08:24 pm IST,  Updated : Feb 08, 2021 08:24 pm IST

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आंदोलनजीवी' वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर संयुक्त किसान मोर्चा ने इसे पीएम मोदी द्वारा किया गया किसानों का अपमान करार दिया है।

'आंदोलनजीवी होने पर गर्व है', PM मोदी के बयान पर संयुक्त किसान मोर्चा का बयान- India TV Hindi
'आंदोलनजीवी होने पर गर्व है', PM मोदी के बयान पर संयुक्त किसान मोर्चा का बयान

नई दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आंदोलनजीवी' वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर संयुक्त किसान मोर्चा ने इसे पीएम मोदी द्वारा किया गया किसानों का अपमान करार दिया है। प्रेस विज्ञप्ति में लिखा गया, "संयुक्त किसान मोर्चा प्रधानमंत्री द्वारा किसानों के किए गए अपमान की निंदा करता है। किसान प्रधानमंत्री को याद दिलाना चाहेंगे कि वे आन्दोलनजीवी ही थे जिन्होंने भारत को औपनिवेशिक शासकों से मुक्त करवाया था और इसीलिए हमें आंदोलनजीवी होने पर गर्व भी है। यह भाजपा और उसके पूर्वज ही हैं जिन्होंने कभी भी अंग्रेजों के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं किया। वे हमेशा जन आंदोलनों के खिलाफ थे इसलिए वे अभी भी जन आंदोलनों से डरते हैं।"

विज्ञप्ति में लिखा, "अगर सरकार अब भी किसानों की मांगों को स्वीकार करती है, तो किसान वापस जाकर पूरी मेहनत से खेती करने के लिए अधिक खुश होंगे। यह सरकार का अड़ियल रवैया है जिसके कारण ये आंदोलन लंबा हो रहा है जोकि आंदोलनजीवी पैदा कर रहा है। एमएसपी पर खाली बयानों से किसानों को किसी भी तरह से फायदा नहीं होगा और अतीत में भी इस तरह के अर्थहीन बयान दिए गए थे। किसानों को वास्तविकता में और समान रूप से टिकाऊ तरीके से तभी लाभ होगा जब सभी फसलों के लिए एमएसपी को ख़रीद समेत कानूनी गारंटी दी जाती है।"

प्रेस विज्ञप्ति में लिखा गया, "हम सभी तरह के FDI का विरोध करते है। पीएम का एफडीआई दृष्टिकोण भी खतरनाक है, यहां तक​कि हम खुद को किसी भी FDI (विदेशी विनाशकारी विचारधारा) से दूर करते हैं। हालांकि, SKM रचनात्मक लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ खड़ा है जो दुनिया में कहीं भी बुनियादी मानवाधिकारों को बनाए रखते हैं और पूरी दुनिया में सभी न्यायसंगत विचारधारा वाले नागरिकों से समान पारस्परिकता की अपेक्षा करते हैं क्योंकि "कहीं भी हो रहा अन्याय हर जगह के न्याय के लिए खतरा है"।"

संयुक्त किसान मोर्चा ने लिखा, "SKM किसानों की मांगों को गंभीरता से और ईमानदारी से हल करने में सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाता है। हम इस तथ्य पर सवाल उठाते है कि सरकार किसान संगठनों को ड्राफ्ट बिल वापस लेने का आश्वासन देने के बावजूद विद्युत संशोधन विधेयक संसद में पेश कर रही है।" 

विज्ञप्ति में लिखा, "उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में किसान महापंचायतों द्वारा दिए गए विशाल समर्थन से दिल्ली के धरनों पर बैठे किसानों में उत्साह बढ़ा है। आने वाले दिनों में इन महापंचायतो से किसान दिल्ली धरनों में शामिल होंगे।"

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, "ट्विटर अकाउंट्स के बाद, चल रहे किसान आन्दोलन से संबंधित कई वीडियो को YouTube से हटा दिया गया है। हम लोगों की आवाज को दबाने के इन प्रयासों का कड़ा विरोध करते हैं।"

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