नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कहा कि वह राजीव गांधी की हत्या के दोषियों को रिहा करने के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का पालन करेगा। तमिलनाडु सरकार ने एक दिन पहले ही राजीव गांधी के सभी सात हत्यारों के आजीवन कारावास की सजा माफ करने का निर्णय किया है जिसका कांग्रेस ने विरोध किया है।
इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने दो दिसम्बर 2015 में कहा था कि सीबीआई अथवा केन्द्रीय एजेन्सियों द्वारा दोषी ठहराए गए लोगों की सजा माफ करने या कम करने के मामले में केन्द्र को प्रमुखता मिलेगी न कि राज्य सरकार को और राज्य ऐसे मामलों में स्वत: संज्ञान लेकर निर्णय नहीं कर सकतीं। इससे राजीव गांधी हत्या मामले के सभी दोषियों को रिहा करने के तमिलनाडु सरकार के प्रयासों को झटका लगा था।
कांग्रेस ने सभी दोषियों की सजा माफ करने के अन्नाद्रमुक सरकार के निर्णय का विरोध किया और इसे बहुत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। राज्य सरकार ने इस पर केंद्र के विचार भी मांगे हैं। तमिलनाडु सरकार के निर्णय को लेकर लोकसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस और अन्नाद्रमुक के सदस्यों के बीच नोंकझोक हुई। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से जवाब मांगा जो सदन में मौजूद थे। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि सरकार तमिलनाडु सरकार के फैसले की जांच पड़ताल कर रही है। उन्होंने यद्यपि स्पष्ट किया कि दोषियों की रिहायी पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय को मानना हम सब की संवैधानिक जिम्मेदारी है।