नई दिल्ली: हरियाणा सरकार द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में मुरथल में एक ढाबे के पास महिलाओं के साथ दुष्कर्म के आरोपों को खारिज कर दिया गया, लेकिन कहा गया है कि कुछ महिलाओं का उत्पीड़न किया गया।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि पिछले महीने के जाट आंदोलन के दौरान महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोप गलत थे। हरियाणा सरकार ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि शिकायत दाखिल करने के लिए कोई चश्मदीद या पीड़ित सामने नहीं आए हैं।
सूत्रों के अनुसार कथित घटना की जगह के पास कपड़े की एक दुकान है जिसे लूट लिया गया था। कुछ खबरों में कहा गया था कि मुरथल के एक खेत में महिलाओं के अंत:वस्त्र पड़े मिले थे, जिससे कहा गया कि यौन उत्पीड़न की घटनाएं हुईं।
सूत्रों के अनुसार हरियाणा सरकार की रिपोर्ट में कहा गया कि जाट आंदोलन के दौरान कुछ महिलाओं का उत्पीड़न किया गया, लेकिन यौन उत्पीड़न का कोई निर्णायक सबूत नहीं मिला है।