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गरीबी, आतंकवाद से छुटकारा पाने का प्रयास कर रहा है बांग्लादेश : हसीना

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 26, 2018 10:53 pm IST,  Updated : May 26, 2018 10:53 pm IST

 बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आज कहा कि उनकी सरकार देश को गरीबी और आतंकवाद से छुटकारा दिलाने का प्रयास करने के साथ ही युवाओं को मादक पदार्थ से बचाने के लिए भी प्रयासरत है।

Sheikh Haseena- India TV Hindi
Sheikh Haseena Image Source : PTI

आसनसोल (प. बंगाल): बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आज कहा कि उनकी सरकार देश को गरीबी और आतंकवाद से छुटकारा दिलाने का प्रयास करने के साथ ही युवाओं को मादक पदार्थ से बचाने के लिए भी प्रयासरत है। हसीना यहां काजी नजरूल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोल रही थीं जहां उन्हें डी लिट की मानद उपाधि भी प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि गरीबी मुख्य शत्रु है और यह न केवल बांग्लादेश बल्कि पूरे उप महाद्वीप में विकास में बाधक है। 

उन्होंने भारत .. बांग्लादेश मित्रता के मजबूत होने और चिरस्थायी रहने की उम्मीद करते हुए कहा , ‘‘ हमें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए गरीबी का उन्मूलन करना होगा , आतंकवाद रोकना होगा और बांग्लादेश और उपमहाद्वीप में युवा पीढ़ी को मादक पदार्थ से बचाना होगा। हम बांग्लादेश को जल्द ही एक विकासशील देश से एक विकसित देश में बदलना चाहते हैं।’’ उन्होंने आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उपमहाद्वीप के सभी देशों से सहयोग मांगा। 

उन्होंने यह उल्लेख करते हुए कि बांगलादेश ने अक्सर सशस्त्र तख्तापलट झेला है। उन्होंने कहा , ‘‘ भारत में जहां लोकतांत्रिक सिद्धांतों की लंबे समय से पोषित परंपरा रही है, वहीं हमें अक्सर सशस्त्र तख्तापलट झेलना पड़ा है जिसने विकास की गति को धीमा किया है। अवामी लीग के सत्ता में आने के बाद से हम अल्प विकास , गरीबी और निरक्षरता से लड़ रहे हैं। ’’ 

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने सबसे अधिक प्राथमिकता शिक्षा को दिया है और सीमित संसाधन होने के बावजूद विश्वविद्यालयों की स्थापना कर रहा है ताकि इंजीनियरिंग , मेडिकल , कम्प्युटर विज्ञान और डिजिटल अध्ययन सहित सभी आधुनिक विषयों को प्रोत्साहित किया जा सके।हसीना ने कहा कि देश ने साक्षरता की दर में तेज सुधार किया है और यह अब 72 फीसदी हो गया है जो कि 2009 में 66 प्रतिशत था। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री हसीना पश्चिम बंगाल की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने कल सभी से इसके लिए सहयोग मांगा कि म्यामां पर इसके लिए दबाव डाला जाए कि वह 11 लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस ले जिन्हें मानवीय आधार पर उनके देश में आश्रय दिया गया है। 

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