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गडकरी के नागपुर मॉडल से 54 हजार लोगों को कैसे मिलीं नौकरियां?

 Written By: IANS
 Published : Nov 30, 2020 08:04 am IST,  Updated : Nov 30, 2020 08:05 am IST

अपनी खास भौगोलिक स्थिति के कारण हवाई और रेल यातायात के लिए नागपुर महत्वपूर्ण है। ऐसे में नितिन गडकरी ने नागपुर और विदर्भ क्षेत्र को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट ऐट नागपुर (मिहान) प्रोजेक्ट शुरू किया। वर्ष 2009 से ही वह इस दिशा में कार्य में जुट गए।

How 54 thousand people got jobs from Gadkari's Nagpur model? । गडकरी के नागपुर मॉडल से 54 हजार लोगों- India TV Hindi
गडकरी के नागपुर मॉडल से 54 हजार लोगों को कैसे मिलीं नौकरियां? Image Source : PTI

नई दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसदीय क्षेत्र नागपुर में एक ऐसा मॉडल बनाया कि 54 हजार से ज्यादा लोगों को अच्छी कंपनियों में नौकरियां मिल गईं। यह उपलब्धि हासिल हुई मिहान यानी 'मल्टी-मॉ इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट एट नागपुर' नामक प्रोजेक्ट से।

नागपुर और विदर्भ के विकास के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए शुरू हुआ उनका यह प्रोजेक्ट सफल रहा है। इसी के साथ उन्होंने वर्ष 2014 का जनता से किया वह वादा पूरा कर दिखाया है, जिसमें उन्होंने क्षेत्र में 50 हजार नौकरियां देने की बात कही थी।

दरअसल, अपनी खास भौगोलिक स्थिति के कारण हवाई और रेल यातायात के लिए नागपुर महत्वपूर्ण है। ऐसे में नितिन गडकरी ने नागपुर और विदर्भ क्षेत्र को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने के लिए मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट ऐट नागपुर (मिहान) प्रोजेक्ट शुरू किया। वर्ष 2009 से ही वह इस दिशा में कार्य में जुट गए।

गडकरी ने नागपुर में विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) की स्थापना की। कुछ कंपनियां आईं, लेकिन बाद में वे स्थान छोड़कर जानें लगीं। वजह कि तब भाजपा की सरकार नहीं थी। वर्ष 2014 में नागपुर में नितिन गडकरी ने 50 हजार नौकरियों का वादा किया। 2014 का लोकसभा चुनाव जीतकर नितिन गडकरी नागपुर से सांसद बने और फिर मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री। इसके बाद उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने पर फोकस तेज किया। इस बार तमाम बड़ी कंपनियों ने मिहान प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई। कई कंपनियों निवेश के लिए सामने आईं।

एयर इंडिया ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से नागपुर में 4500 लोगों को नौकरियां दीं तो एचसीएल ने ढाई हजार और टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (टीसीएस) ने 7500 लोगों को रोजगार दिए हैं। इसी तरह 170 से अधिक कंपनियों के निवेश से रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं।

नितिन गडकरी के कार्यालय ने आईएएनएस को सभी कंपनियों की ओर से दिए गए रोजगार का ब्यौरा उपलब्ध कराते हुए बताया कि पिछले छह वर्षों के भीतर नागपुर में 54868 लोगों को नौकरियां मिल चुकीं हैं। नागपुर में उद्योगों की स्थापना और विकास परियोजनाओं के कारण ये नौकरियां सृजित हुईं। विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) के तहत कुल 36 407, नॉन सेज के तहत कुल 16162 नौकरियां मिलीं हैं। वहीं सेंट्रल फैसिलिटी बिल्डिंग मिहान सेज के माध्यम से 2299 लोगों को नौकरियां मिलीं। आगे और नौकरियां नागपुर के लोगों को मिलेंगी।

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