नई दिल्ली: उधमपुर में हुए आतंकी हमले को देखकर कई बार सवाल उठता है कि आखिर ये कमउम्र लड़के इतने खूंखार कैसे बन जाते हैं। इसका जवाब है आतंक की फैक्ट्रियां। पाकिस्तान में आतंकवादी पैदा करने के लिए वहां 'जन्नतें' बनाई गई हैं।
आखिर किस तरह की ट्रेनिंग दी जाती है आतंकवाद के मिशन पर निकले ऐसे नौजवानों को कि उन्हें एहसास भी नहीं होता कि उनके अपने ही मुल्क़ के कुछ लोग उन्हें मौत के मुंह में धकेल रहे हैं ?
इन आतंकवादियों को भारत में कहर बरपाने के मकसद से महीनों कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है और उनके दिमाग में भरा जाता है जहर। मुजफ्फराबाद और कोटली में मौजूद हैं कुछ खास ट्रेनिंग कैंप। इन कैंपों में हिजबुल मुजाहिद्दीन, लश्करे तैय्यबा, जैश-ए-मोहम्मद और हरकत-उल-मुजाहिद्दीन के लड़ाके भारत में आतंक फैलाने की कसम लेते हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान में बोई और पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत में भी आतंकी कैंप मौजूद हैं। पंजाब प्रांत का मुल्तान और मुरीदके शहर जो कभी खालिस्तान आंदोलन के लिए आतंकी तैयार करता था, आजकल कश्मीर के लिए आतंकियों की भर्ती करता है।
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