
कसाब और उसके साथियों को भी मुंबई हमले के लिए यहीं तैयार किया गया था। जैश-ए-मोहम्मद और लश्करे तैयब्बा ने तो अब कराची में अपने लड़ाकों को नेवल और मरीन ट्रेनिंग भी देनी शुरू कर दी है। ये पूरी ट्रेनिंग पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई की देख-रेख में दी जाती है।
जानकारी के मुताबिक आतंकी कैंपों में ट्रेनिंग को चार हिस्सों में बांटा जाता है।
अगली स्लाइड में जानें आतंकी ट्रेनिंग के चार चरण..................