
दो ज्ञानी लोगों के बीच में कभी न पड़ें-
आचार्य चाणक्य का कहना है कि जब दो ज्ञानी पुरुष या ब्राह्मण बात कर रहे हैं तो किसी को भी उनके बीच में नहीं आना चाहिए। क्योंकि जब दो ज्ञानी बात करते हैं तो सिर्फ ज्ञान की ही चर्चा होती है और ऐसे में उन्हें टोकना कदापि उचित नहीं होता है।
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