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भारत ने विजय माल्या का पासपोर्ट किया रद्द

 Written By: India TV News Desk
 Published : Apr 25, 2016 07:46 pm IST,  Updated : Apr 25, 2016 07:46 pm IST

भारत ने शराब कारोबारी विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया है जिनकी किंगफिशर एयरलाइन्स पर 9,400 करोड़ रुपए के बैंक कर्ज की अदायगी नहीं करने का आरोप है।

Vijay Mallya
- India TV Hindi
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नई दिल्ली: भारत ने शराब कारोबारी विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया है जिनकी किंगफिशर एयरलाइन्स पर 9,400 करोड़ रुपए के बैंक कर्ज की अदायगी नहीं करने का आरोप है। यह उनके निर्वासन की दिशा में एक कदम है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, कारण बताओ नोटिस के जवाब में विजय माल्या द्वारा दिए गए उत्तर पर, प्रवर्तन निदेशालय को मिले तथ्यों पर और मुंबई के विशेष न्यायाधीश द्वारा पीएमएलए कानून, 2002 के तहत जारी गैर जमानती वारंट पर विचार करते हुए विदेश मंत्रालय ने विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मंत्रालय माल्या के निर्वासन के संबंध में कानूनी विकल्प पर विचार कर रहा है। वह प्रवर्तन निदेशालय के तीन सम्मन की अवहेलना कर चुके हैं। ईडी कथित धन शोधन और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के मामले में जांच कर रहा है। मंत्रालय ने 60 वर्षीय उद्योगपति माल्या का कूटनीतिक पासपोर्ट 15 अप्रैल को निलंबित कर दिया था और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा था कि उनका पासपोर्ट क्यों नहीं रद्द किया जाए।

सूत्रों के अनुसार विदेश मंत्रालय माल्या के निर्वासन की मांग करने का फैसला ले ले तो वह मामले में अपने ब्रिटिश समकक्ष की मदद लेगा। समझा जाता है कि गत दो मार्च को भारत से जाने के बाद वह ब्रिटेन में हैं। जब पूछा गया कि माल्या को देश वापस लाने में कितना समय लगेगा तो सूत्रों ने कहा कि उनका पासपोर्ट रद्द होने के बाद विदेश में उनका रहना गैरकानूनी है और उन्हें वापस आना चाहिए।

सूत्रों के अनुसार, भविष्य की कार्रवाई अनेक कारकों पर निर्भर करेगी और जांच एजेंसियों द्वारा उठाए गए कदमों पर भी निर्भर करेगी जो अब अनुरोध पत्र जारी कर सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने विदेश मंत्रालय से 900 करोड़ रुपए के आईडीबीआई कर्ज की धोखाधड़ी के मामले में धन शोधन के आरोपी शराब कारोबारी माल्या के देश वापसी की प्रक्रिया शुरू करने को कहा था। उन्होंने बताया प्रत्यर्पण के मुख्यत: दो आधार हैं। एक तो मुंबई की अदालत द्वारा जारी गैर जमानती वारंट और दूसरा उनका पासपोर्ट रद्द किया जाना।

माल्या ब्रिटिश अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें उसी देश में रहने की अनुमति देने मांग सकते हैं। वह अपना पासपोर्ट रद्द किए जाने के खिलाफ भारतीय अदालतों का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं। गत 10 मार्च से दो अप्रैल के बीच तीन बार सम्मन भेजे जाने पर ईडी के सामने पेश नहीं हुए माल्या दो मार्च को देश छोड़कर चले गए थे जिस दिन उन्हें कर्ज देने वाले 13 बैंकों के संघ ने कर्ज वसूली न्यायाधिकरण का रख किया था।

ईडी के सम्मन पर अमल नहीं करने वाले माल्या ने बार बार नई तारीखें मांगी लेकिन एजेंसी ने आगे राहत देने से इनकार कर दिया। ईडी ने कहा कि तीन मौकों पर जांच में शामिल होने के लिए सम्मन भेजे जाने के बावजूद माल्या जानबूझकर निजी तौर पर पेश होने से बचते रहे जो एजेंसी के लिए एक वैधानिक जरूरत है। इस तरह माल्या ने उचित प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया।

सूत्रों के अनुसार माल्या द्वारा कथित तौर पर की गई अनियमितताओं और आपराधिक कदाचार के कई पहलुओं पर अनेक एजेंसियों की जांच भी जारी है जिनमें काले धन को सफेद बनाने के अपराध में उनकी भूमिका भी है। एजेंसी ने कहा कि पीएमएलए कानून के तहत उनका ईडी के समक्ष पेश नहीं होना जानबूझकर पालन नहीं करने के समान है। इस पृष्ठभूमि में ईडी ने उनका पासपोर्ट रद्द कराने के लिए विदेश मंत्रालय से कहा था।

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