
Devendra Suthar
अधिक उंगलियों को अपने लिए लकी मानते हैं
मेरे पैर देखते हुए बच्चों के जो भाव होते हैं वह बेशकीमती होते हैं। देवेन्द्र का कहना है कि अपनी उंगलियों कि वजह से वह एक खास आदमी बन गए हैं। उनका कहना है मेरी यह उंगलियां मेरे लिए लकी हैं और मैं इन्हें काटना नहीं चाहता हूं। लेकिन ज्यादा उंगलियां होने से उन्हें काम करने में ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। देवेन्द्र कहते हैं कि मैं एक कारपेंटर हूं मुझे ज्यादातर हथोड़े से काम करना पड़ता है जिसमें बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है।