नई दिल्ली: नेहरू मैमोरियल सोसायटी के बाद मोदी सरकार ने गुरुवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के प्रबंधन का पुनर्गठन किया और पूर्व राजनयिक चिन्मय गरेखान के स्थान पर वरिष्ठ हिंदी पत्रकार राम बहादुर राय को इसकी कमान सौंप दी। संस्कृति मंत्रालय द्वारा हिंदी दैनिक जनसत्ता के पूर्व समाचार संपादक राय को आईजीएनसीए के 20 सदस्यीय न्यासी बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की घोषणा की।
कांग्रेस की विरासत माने जाने वाले आईजीएनसीए की स्थापना शोध, अकादमिक अध्ययन और कला क्षेत्र के विस्तार के लिए 1987 में उस समय की गयी थी, जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे। गरेखान को संप्रग 1 के शासनकाल में नियुक्त किया गया था। राय के अलावा न्यास में 19 अन्य सदस्य हैं जिनमें शास्त्रीय नृत्यांगना सोनल मानसिंह , गीतकार प्रसून जोशी, और कलाकार वासुदेव कामथ शामिल हैं।
बोर्ड के अन्य सदस्यों में चंद्रप्रकाश द्विवेदी, नितिन देसाई, के अरविंद राव, भारत गुप्ता, खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष महेश चंद्र शर्मा, एम सेशन, रति विनय झा, निर्मला शर्मा, हर्ष नियोतिया, सरयू दोशी , डी पी सिन्हा तथा विराज यागनिक हैं। बोर्ड में संस्कृति मंत्रालय के संस्कृति सचिव, अतिरिक्त सचिव, वित्त सलाहकार तथा सदस्य सचिव भी आईजीएनसीए के न्यासियों में शामिल हैं। पद्मा सुब्रमण्यम पुराने बोर्ड की एकमात्र ऐसी हस्ती हैं जिन्हें नए बोर्ड में भी रखा गया है।
संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने आईजीएनसीए प्रबंधन में फेरबदल के संबंध में कहा कि यह ऐसा कुछ नहीं है जो पहले नहीं किया गया हो। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000, 2004 और 2007 में भी इसी प्रकार के कदम उठाए गए थे।