बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी आज करीब 6 किताबें लेकर लोकसभा में पहुंचे और उन किताबों को कोट करते हुए जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की। इससे सदन में जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया और कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी।
इंदिरा गांधी ने अपनी परिवार की परंपरा का पालन करते हुए छोटी उम्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन में भी हिस्सा लिया। इंदिरा ने आजादी के आंदोलन के दौरान बच्चों की वानर सेना का नेतृत्व किया। अंग्रेजों को बच्चों पर शक नहीं होता था, इसलिए आसानी से आजादी के मतवालों का संदेश एक दूसरे स्वतंत्रता सेनानी के पास पहुंच जाता था।
Indira Gandhi Death Anniversary: इंदिरा गांधी ने अपनी हत्या से ठीक एक दिन पहले भुवनेश्वर में अपना आखिरी भाषण दिया था। उनके भाषण को सुनकर कांग्रेस के नेता भी हैरान हो गए थे।
चिदंबरम ने कहा, "सभी आतंकवादियों को वहां से निकालने और पकड़ने का कोई और तरीका हो सकता था। लेकिन ऑपरेशन ब्लू स्टार गलत तरीका था, मैं मानता हूं कि श्रीमती (इंदिरा) गांधी को उस गलती की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
लाल किले पर पीएम मोदी आज12वीं बार तिरंगा फहराएंगे। आज लाल किले से उनका भाषण भी बेहद खास होने वाला है वो इसलिए क्योंकि आज पीएम के भाषण को पूरी दुनिया सुनेगी।
लगातार पीएम पद पर बने रहने के मामले में नरेंद्र मोदी ने इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि जवाहर लाल नेहरू अभी भी इस मामले में सबसे आगे हैं।
शशि थरूर ने कहा कि इमरजेंसी से सबक लेने की जरूरत है। उन्होंने संजय गांधी द्वारा चलाए गए जबरन नसबंदी अभियान को 'क्रूरता का उदाहरण' बताया।
इंदिरा कैंटीन का विरोध करने वाले लोगों को लेकर रेवंत रेड्डी ने कहा कि ये लोग इंदिरा गांधी की महानता तब तक नहीं समझ पाएंगे, जब तक इन्हें कपड़े उतारकर पीटा न जाए। उनके इस बयान पर बवाल मच रहा है।
शिमला समझौता 1971 की जीत के बाद भारत की रणनीतिक बढ़त का उपयोग न कर पाने का प्रतीक है। भारत ने बिना ठोस रियायत के युद्धबंदियों को छोड़ा और कश्मीर पर कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकला, जिससे नुकसान हुआ।
किसी को अंदाज़ा नहीं था कि इमरजेंसी का मतलब क्या होता है। 25 जून की रात मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस के हॉस्टल में था, अखबारों पर सेंसरशिप थी, कोई अखबार नहीं निकला, अखबारों के दफ्तरों की बिजली काटी जा चुकी थी, पुलिस अखबारों के दफ्तरों पर तैनात थी।
इमरजेंसी के 50 साल पूरे होने पर PM मोदी ने कहा कि यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। उन्होंने 'द इमरजेंसी डायरीज' में आपातकाल के दौरान की अपनी यात्रा के बारे में बताया है।
25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के दिन बीजेपी हर साल आपातकाल दिवस का आयोजन करती रही है। लेकिन इस बार 25 जून को बीजेपी ने इसे संविधान हत्या दिवस का नाम दिया है।
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला है और कहा है कि इंदिरा गांधी सरकार ने रन ऑफ कच्छ का 828 स्क्वायर किलोमीटर इलाका पाकिस्तान को दिया।
आज से 51 साल पहले भारत ने एक ऐसा ऑपरेशन लॉन्च किया था, जिसे देखकर पुरी दुनिया में खलबली मच गई थी। इसका नाम ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा था। इस ऑपरेशन के बाद से भारत पर अमेरिका ने प्रतिबंध भी लगा दिए थे। आइये जानते है कि ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा क्या है और इसके नाम के पीछे की क्या कहानी है।
असम सीएम ने कहा, हमारी सेना ने 1971 का युद्ध जीता था। अगर इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो मैं उनसे पूछता कि उन्होंने इस्लामिक राष्ट्र के निर्माण की अनुमति क्यों दी। उन्होंने शिमला समझौते में पीओके को वापस क्यों नहीं लिया?
भारत सरकार ने कल देशव्यापी 'मॉक ड्रिल' का आदेश जारी किया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इससे पहले भारत में इस तरह की मॉक ड्रिल कब हुई थी?
पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को 14 अगस्त 1990 को पाकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ से नवाजा गया था। वह पहले भारतीय थे जिन्हें पाकिस्तान ने यह पुरस्कार दिया।
राजस्थान विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों ने हल्ला बोल दिया। कांग्रेस विधायक के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कांग्रेस विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की पुलिस से भिड़ंत भी हो गई।
राजस्थान विधानसभा में मंत्री अविनाश गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को सदन के अंदर दादी बोल दिया। इसी बात से नाराज होकर विपक्ष के नेता सदन के अंदर हंगामा करने लगे। इसका वीडियो भी सामने आया है।
कंगना ने कहा कि वह इंदिरा गांधी से समानुभूति रखती हैं और जब तक उन्होंने इस फिल्म पर काम शुरू नहीं किया था, तब तक वह उन्हें बहुत मजबूत मानती थीं। उन्होंने कहा, इंदिरा गांधी के आसपास बहुत सी बैसाखियां थीं और वह लगातार किसी न किसी तरह खुद को सही ठहराना चाहती थीं।
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