गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं, तो वह उनसे पूछते कि उन्होंने शिमला समझौते में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) को वापस क्यों नहीं लिया या 1971 के युद्ध में भारत की जीत के बाद ‘चिकन नेक कॉरिडोर’ (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) को 100 मील तक क्यों नहीं बढ़ाया।
'इंदिरा गांधी ने इस्लामिक राष्ट्र के निर्माण की अनुमति क्यों दी?'
मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि कांग्रेस को दोनों देशों द्वारा सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के संबंध में पीएम मोदी से सवाल करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सेना ने 1971 का युद्ध जीता था। अगर इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो मैं उनसे पूछता कि उन्होंने इस्लामिक राष्ट्र के निर्माण की अनुमति क्यों दी। उन्होंने शिमला समझौते में पीओके को वापस क्यों नहीं लिया? सिलीगुड़ी कॉरिडोर की चौड़ाई 100 मील से ज्यादा करने के लिए बांग्लादेश से बातचीत क्यों नहीं की।’’
'ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करना था'
पाकिस्तान के साथ सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति का बचाव करते हुए शर्मा ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क को नष्ट करना था और इसे 6 मई की रात को ही सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद पाकिस्तान ने आतंकवादियों की ओर से जवाबी कार्रवाई की और भारत ने बहुत बहादुरी से उसका जवाब दिया। जब पाकिस्तान को एहसास हुआ कि अगर वे संघर्ष जारी रखेंगे तो उनका विनाश हो जाएगा, तब उन्होंने सरेंडर कर दिया।’’
जानकारी दे दें कि पहलगाम हमले के बाद भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान के कई सैन्य अड्डों और उनके द्वारा पोषित आतंक के कई अड्डों को नेस्तनाबूत कर दिया और दुनिया को दिखाया कि भारत अब किसी आतंकवाद को अपनी धरती पर सहन नहीं करेगा। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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