इंफाल: सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान दीपक चिंगाखम की शहादत पर परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के गमगीन होने के बीच उनके पिता ने कहा कि उन्हें अपने 25 वर्षीय बेटे के बलिदान पर गर्व है। गोलीबारी की यह घटना जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में हुई थी। जवान दीपक चिंगखम ने अपने साथियों के साथ पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का करारा जवाब दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग से उनकी बंदूकों के मुंह शांत कर दिए। लेकिन इस दौरान वे भी फायरिंग में घायल हो गए थे। दीपक को तुरंत ही इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। कई घंटों तक चले इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था दीपक
शहीद जवान के पिता चिंगाखम बोनीबिहारी सिंह ने कहा, ‘‘हमें उसके बलिदान पर गर्व है। वह अप्रैल 2021 में बीएसएफ में शामिल हुआ था और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण मैं काम करने में असमर्थ हूं।’’ दीपक के छोटे भाई चिंगाखम नाओबा सिंह ने कहा, ‘‘वह मुझे अक्सर फोन करते थे, मुझसे पूछते थे कि मुझे क्या चाहिए और हमेशा मुझसे कहते थे कि जीवन में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करो। अब वह दुनिया से चले गए हैं। मैं पूरी तरह से टूट चुका हूं।’’
सदमे में हैं दीपक की मां
दीपक की मां भी सदमे में हैं और वह लगातार रो रही हैं एवं अपने बेटे को वापस लाने की मांग कर रही हैं। चिंगाखम का पार्थिव शरीर मंगलवार को विमान से इंफाल हवाई अड्डे पर लाया जायेगा। (भाषा इनपुट्स के साथ)
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