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पीएम मोदी ने APSEZ के हल्दिया टर्मिनल का किया उद्घाटन, ऑटोमेटेड ड्राई बल्क सुविधा से बदलेगी उद्योगों की दिशा

Reported By : Nirnay Kapoor Edited By : Niraj Kumar Published : Mar 14, 2026 05:58 pm IST, Updated : Mar 14, 2026 05:58 pm IST

हुगली नदी पर स्थित APSEZ ड्राई बल्क कार्गो पूरी तरह से ऑटोमेटेड है। प्रधानमंत्री ने आज औपचारिक रूप से इसे राष्ट्र को समर्पित किया। इससे उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी।

Haldia- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT हल्दिया

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज APSEZ (अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड) हल्दिया बल्क टर्मिनल (HBT) को  औपचारिक रूप राष्ट्र को समर्पित किया। 4 MMTPA (मिलियन मिट्रिक टन प्रति वर्ष) की वार्षिक क्षमता वाला यह ड्राई बल्क कार्गो हुगली नदी पर स्थित है। पूरी तरह से ऑटोमेटेड बल्क सुविधा से लैस है और डायरेक्ट रेल से भी जुड़ा है। यह भारत के पूर्वी समुद्री गलियारे के माध्यम से बल्क कार्गो की आवाजाही के लिए एक अहम ढांचागत सुधार है।

APSEZ के सीईओ ने क्या कहा?

APSEZ के पूर्णकालिक निदेशक और CEO, अश्वनी गुप्ता ने कहा-"हल्दिया बल्क टर्मिनल एक नेक्ट जेनेरेशन की सुविधा है जो हुगली में पूर्ण मशीनीकरण और सीधे रेल निकासी की सुविधा प्रधान करती है। इस टर्मिनल से भारत के पूर्वी समुद्र तट पर दक्षता के लिए एक नया मानक स्थापित होता है। जेट्टी डंपिंग को खत्म करके और एडवांस्ड ऑटोमेटेड सिस्टम के माध्यम से कार्गो के नुकसान को कम करके, हम स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक टिकाऊ संचालन सुनिश्चित कर रहे हैं। यह टर्मिनल पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड की औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, साथ ही आधुनिक मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे के माध्यम से लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने के प्रधानमंत्री मोदी के विजन को सपोर्ट करेगा।"

परियोजना की खासियत

कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स (HDC) के भीतर स्थित, इस टर्मिनल को HDC बल्क टर्मिनल लिमिटेड द्वारा 'डिज़ाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण' (DBFOT) मॉडल के माध्यम से 30 साल के रियायत समझौते के तहत विकसित किया गया है। इसे इसकी निर्माण अवधि के भीतर ही पूरा करके सौंप दिया गया है। इसका निर्माण 14 जुलाई 2023 को शुरू हुआ था और आज यह चालू होने के लिए तैयार है। यह APSEZ की परियोजनाओं को हर बार, समय पर पूरा करने की निष्पादन क्षमता को प्रदर्शित करता है।

ड्राई बल्क वस्तुओं के लिए तैयार

हुगली नदी के पश्चिमी तट पर रणनीतिक रूप से स्थित, यह टर्मिनल आयातित कोयले और विभिन्न प्रकार की ड्राई बल्क वस्तुओं के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत के ड्राई बल्क आयात का लगभग 60% हिस्सा पूर्वी तट से आता है, जिसमें कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर शामिल हैं। इस प्रकार हल्दिया पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के इस्पात, एल्यूमीनियम और बिजली उद्योगों के लिए सबसे कुशल और सीधा समुद्री प्रवेश द्वार बन जाता है। क्षमता में यह वृद्धि इन उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स लागत और टर्नअराउंड समय को काफी हद तक कम कर देगी। 

 APSEZ ने इंफ्रास्ट्रक्चर के ये काम पूरे किए 

  • 2,000 T रेलवे वैगन लोडिंग सिस्टम (RWLS) लगाना और 1.54 km लंबी एक खास रेलवे लाइन चालू करना, जिससे जहाज़ से सीधे ट्रेन में माल ले जाना मुमकिन हो गया है।
  • मौजूदा जेटी की मरम्मत और उसे नया रूप देना।
  • आधुनिक कन्वेयर सिस्टम लगाना, जिससे काम अपने आप होने लगा है।
  • ऑटोमोटेड स्टॉकयार्ड मैनेजमेंट के लिए दो स्टैकर-कम-रिक्लेमर लगाना।
  • जहाज़ों से माल तेज़ी से उतारने के लिए दो मोबाइल हार्बर क्रेन और जोड़ना।

RWLS इस टर्मिनल की खासियत

रेलवे वैगन लोडिंग सिस्टम (RWLS) और खास रेलवे लाइन इस टर्मिनल की सबसे अहम खासियतें हैं। ये दोनों मिलकर जहाज़ों से उतरे भारी माल को सीधे रेलवे वैगनों में लोड करने और उन्हें मुख्य लाइनों से जोड़ने में मदद करते हैं। इससे बंदरगाह पर जहाज़ों के रुकने का समय कम हो जाता है और तीन राज्यों में मौजूद औद्योगिक ग्राहकों के लिए कच्चे माल की डिलीवरी की लागत भी घट जाती है।

हल्दिया टर्मिनल भारत के 'सागरमाला कार्यक्रम' और 'PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' का सीधा उदाहरण है। इन दोनों ही योजनाओं में भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने के लिए बंदरगाहों के मल्टीमॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस सुविधा का उद्घाटन करना, पूर्वी समुद्री तट के आधुनिकीकरण के राष्ट्रीय रणनीतिक महत्व को दर्शाता है।

क्या है APSEZ?

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ)विश्व स्तर पर फैली हुई अडानी समूह का एक हिस्सा है।  यह एक अग्रणी 'एकीकृत परिवहन उपयोगिता' (Integrated Transport Utility) प्रदाता है। यह माल की शुरुआत (अंतर्राष्ट्रीय माल ढुलाई नेटवर्क) से लेकर बंदरगाह पर माल संभालने, रेल परिवहन, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और सड़क परिवहन के ज़रिए ग्राहक के दरवाज़े तक अंतिम डिलीवरी तक का काम करती है। अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI-आधारित ऑप्टिमाइज़ेशन की मदद से यह व्यापक "तट से दरवाज़े तक" (shore-to-door) की क्षमता से लैस है। , APSEZ को भारत के सबसे बेहतरीन एकीकृत लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित करती है।

यह कंपनी भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटों पर रणनीतिक रूप से स्थित 15 बंदरगाहों और टर्मिनलों का एक व्यापक इकोसिस्टम चलाती है। इसके साथ ही, इसके पास 127 जहाजों का एक विविध समुद्री बेड़ा और एकीकृत लॉजिस्टिक्स क्षमताएं भी हैं—जिनमें 12 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, 3.1 मिलियन वर्ग फुट के गोदाम, और इसके अपने प्लेटफॉर्म पर चलने वाले 25,000 से अधिक ट्रक शामिल हैं। इस तरह, यह कंपनी तटीय क्षेत्रों और भीतरी इलाकों, दोनों से आने वाले भारी मात्रा में कार्गो को संभालने की क्षमता प्रदान करती है। वर्तमान में प्रति वर्ष 633 मिलियन टन कार्गो संभालने की क्षमता के साथ, APSEZ भारत के कुल बंदरगाह वॉल्यूम का लगभग 28% हिस्सा नियंत्रित करता है।

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