सियोल: उत्तर कोरिया द्वारा जापान की ओर सिर्फ एक नहीं, बल्कि 10 मिसाइलें दागी गईं थीं। यह दावा दक्षिण कोरिया की सेना ने शनिवार किया है। दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने पूर्वी समुद्र की ओर लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन की ओर से यह शक्ति प्रदर्शन तब हुआ, जब दक्षिण कोरिया अमेरिका के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहा है।
जापान के पास समुद्र में गिरे सभी प्रोजेक्टाइल
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने बताया कि मिसाइलें प्योंगयांग के पास के इलाके से दागी गईं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वे कितनी दूर तक गईं। वहीं जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हथियार देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर समुद्र में गिरे। दक्षिण कोरियाई सेना ने इस घटना के बाद निगरानी बढ़ा दी है और संभावित अतिरिक्त लॉन्च के खिलाफ तैयार रहते हुए अमेरिका व जापान के साथ सूचनाएं साझा कर रही है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया हजारों सैनिकों के साथ वार्षिक बसंतकालीन अभ्यास कर रहे हैं। साथ ही ट्रंप प्रशासन मध्य पूर्व में ईरान के साथ बढ़ते युद्ध में व्यस्त है।
दक्षिण कोरिया में तैनात मिसाइलों को ईरान की ओर ले जाना चाह रहा अमेरिका
स्थानीय मीडिया ने सुरक्षा कैमरा फुटेज के हवाले से अटकलें लगाई हैं कि अमेरिका दक्षिण कोरिया में तैनात कुछ मिसाइल रक्षा प्रणालियों को ईरान के खिलाफ ऑपरेशन के लिए स्थानांतरित कर रहा है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के कार्यालय ने THAAD और पैट्रियट सिस्टम के संभावित स्थानांतरण की पुष्टि नहीं की, लेकिन कहा कि इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ रक्षा मुद्रा पर असर नहीं पड़ेगा। उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों को आक्रमण की पूर्वाभ्यास बताकर हथियार परीक्षणों का बहाना बनाता रहा है।
किम जोंग ने अमेरिका को पिछले दिनों दी थी धमकी
पिछले दिनों किम यो जोंग ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया अभ्यास की आलोचना की और चेतावनी दी कि उत्तर की सुरक्षा को चुनौती देने पर "भयानक परिणाम" भुगतने पड़ेंगे। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल हमलों की निंदा की और नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का समर्थन जताया। 11 दिवसीय फ्रीडम शील्ड अभ्यास 19 मार्च तक चलेगा, जिसमें वॉरियर शील्ड फील्ड ट्रेनिंग भी शामिल है। उत्तर कोरिया ने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने की पेशकश ठुकरा दी है। किम जोंग उन ने रूस को प्राथमिकता दी है और यूक्रेन युद्ध में हजारों सैनिक व हथियार भेजे हैं।