नई दिल्ली: अमेरिकी जेल में बंद लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य डेविड हेडली के हालिया बयान के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया है, जिसमें वर्ष 2004 में एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मारी गई इशरत जहां के मामले में गुजरात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक अभियोजन, निलंबन और अन्य कार्रवाइयों को खारिज करने का आग्रह किया गया है ।
पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकी डेविड हेडली ने मुंबई की एक अदालत को बताया था कि इशरत आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की सदस्य थी।
अधिवक्ता एम एल शर्मा ने जब इस मामले पर तत्काल सुनवाई का आग्रह किया तो प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर और न्यायाधीश यू यू ललित की पीठ ने कहा, इसे सूचीबद्ध होने दीजिए। तब हम इसे देखेंगे। शर्मा ने कहा कि हेडली का बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इस बात को निर्णायक रूप से स्थापित करता है कि इशरत लश्कर-ए-तैयबा की सदस्य थी।
मुठभेड़ में कथित भूमिका को लेकर तत्कालीन डीआईजी डीजी वंजारा सहित गुजरात पुलिसकर्मी मुंबई की एक अदालत में अभियोजन का सामना कर रहे हैं।