नई दिल्ली: देश की जांच एजेंसियां आतंकी संगठन ISIS के इंडियन मॉड्यूल का परत दर परत खुलासा कर रही हैं। भारत में ISIS का चीफ होने का दावा करने वाले मुदब्बिर से पूछताछ में पता चला है कि देशभर में 60 नौजवान ISIS मॉड्यूल से जुडे हैं। 60 नौजवान में से जांच एजेंसियां अभी तक महज 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। 42 से ज्यादा लोगों का गिरफ्तार होना अभी बाकी है।
मुंबई से गिरफ्तार मुदब्बिर शेख ने खुलासा करते हुए बताया कि, उसने कुल 60 नौजवानों को ISIS के लिए इंटरनेट के जरिए भर्ती किया। मुदब्बिर शेख ने पूछताछ में ये कबूल किया है कि वो पिछले ढाई साल से सीरिया में बैठे ISIS के हैंडलर शफी अरमार से संपर्क में था और अरमार के कहने पर ही वो हिन्दुस्तान के नौजवानों को ISIS से जोड़ने का काम कर रहा था।
ISIS ज्वाइन करने के लिए मोटी सैलरी का लालच
ISIS ने भारत को रिक्रूटमेंट के लिहाज से 4 जोन में बांटा है। हर जोन का अपना इंचार्ज है। मुदब्बिर ने बताया कि उसे 2016 में 600 लोगों को ISIS से जोड़ने का टारगेट दिया था, साथ ही ये भी कहा गया था कि जो भी जोन ज्यादा भर्ती करेगा और टारगेट पूरा करेगा उसे पैसा और दूसरे इंसेटिंव दिए जाएंगे। मुदब्बिर ने ये भी खुलासा किया है कि ISIS का प्लान उन नौजवानों को भर्ती करने का है जो पढे लिखे हैं और टेक्निकल नॉलेज रखते हैं। इतना ही नहीं ISIS अपने संगठन में शामिल होने वाले नौजवानों को मोटी सैलरी देता है। मुंबई, कर्नाटक, हैदराबाद में नौजवानों को हर महीने 25 से 50 हजार रुपए की तनख्वाह दी की जा रही है।
NIA के सूत्रों की माने तो उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया मुदब्बिर का राइट हैंड रिजवान भी ISIS का एक अहम प्यादा है। मुदब्बिर के कहने पर रिजवान ने यूपी के कई नौजवानो को पैसे का लालच देकर ISIS से जोड़ा इतना ही नहीं रिजवान पिछले साल अक्टूबर और दिसंबर मे दो बार मुंबई से लखनऊ भी गया था, जिसका मकसद हरिद्वार के अर्धकुंभ में आतंकी हमले का ब्लूप्रिंट तैयार करना था।
जाँच एजेंसियों को पकड़े गए आतंकियों से पता चला है कि शफी अरमार ने हिंदुस्तान में ISIS की विचारधारा को फैलाने के लिए ''जनूद उल खलीफा ए हिन्द 'नाम का एक फ्रंट तैयार किया था।