नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री होंगे जो कि इस साल इजरायल की यात्रा करने वाले हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को एक औपचारिकता मिलेगी, जो अभी खुलकर नहीं पेश किया गया था।
भारत ने जहां इजरायल को 17 सितंबर, 1950 को मान्यता दे दी थी, वहीं पूर्ण कूटनीतिक संबंध 1992 में स्थापित हो पाया। इसका एक कारण यह था कि पारंपरिक तौर पर भारत फिलिस्तीन का समर्थन करता था।
तब से अब तक दोनों देशों का संबंध मुख्यत: रक्षा खरीद तक सीमित रहा है। इसके अलावा दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे देशों की यात्रा करते रहे हैं। इजरायल से जहां करीब 38 हजार पर्यटक भारत आते हैं, वहीं 2013 में भारत से 40 हजार से अधिक पर्यटक इजरायल गए थे। इजरायल में भारतीय पर्यटकों की यह संख्या एशिया के किसी अन्य देश के मुकाबले अधिक है।
दोनों देशों के बीच कारोबारी और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भी संबंध बढ़ रहे हैं। दोनों देशों ने हाल में संयुक्त वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी गतिविधियों के लिए चार करोड़ डॉलर का एक भारत-इजरायल सहयोग कोष स्थापित किया है।
दोनों देशों के संबंधों को आज पांच क्षेत्रों में पारिभाषित किया जा सकता है :