1. रक्षा: हथियारों की खरीद के लिए इजरायल भारत का पांचवां सबसे बड़ा स्रोत है। गत एक दशक में भारत ने इजरायल से 10 अरब डॉलर से अधिक हथियार खरीदे हैं।
स्टैनफोर्ड जर्नल ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस के एक आलेख के मुताबिक, 1962 के भारत-चीन युद्ध में इजरायल ने भारत की सहायता की थी। 1965 और 1971 में भारत-पाक युद्ध में भी इजरायल ने भारत की सहायता की थी।
इसी आलेख के मुताबिक, भारत ने भी 1967 में छह दिवसीय युद्ध में विमानों के पुर्जे भेजकर इजरायल की सहायता की थी।
कारगिल युद्ध के दौरान जब गोला-बारूद की कमी पड़ गई थी, तब भी इजरायल ने भारत की सहायता की थी।
भारत ने लगभग सभी मानवरहित विमान इजरायल से खरीदे हैं।
इजरायल ने रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया मिशन में भी भारत की सहायता करने का वचन दिया है।
2. कूटनीति: मोदी से पहले भी कई उच्चस्तरीय यात्राएं इजरायल के लिए हुई हैं। 2000 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने और 2014 में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इजरायल का दौरा किया है।
1992 के बाद से कई द्विपक्षीय समझौते हुए हैं, जिसमें कृषि, शोध एवं विकास, अर्थव्यवस्था, उद्योग और सुरक्षा में सहयोग शामिल है।