3. कृषि: द्विपक्षीय संबंधों का यह एक महत्वपूर्ण पक्ष है। कृषि क्षेत्र में अनेक द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इजरायल में पानी की कमी है और वह ड्रिप एरीगेशन पद्धति का विशेषज्ञ है।
बागवानी, खेती, बागान प्रबंधन, नर्सरी प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई और सिंचाई बाद प्रबंधन क्षेत्र में इजरायली प्रौद्योगिकी से भारत को काफी लाभ मिला है। इसका हरियाणा और महाराष्ट्र में काफी उपयोग किया गया है।
भारत-इजरायल सहयोग के तहत आठ राज्यों में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें सब्जियों, फूलों और फलों के उत्पादन में प्रौद्योगिकी के प्रयोग को प्रदर्शित किया जाएगा।
अब तक 10 ऐसे केंद्र स्थापित हो चुके हैं, जिसे बढ़ाकर 30 किया जाना है।
प्रौद्योगिकी के जरिए विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र की कृषि समस्या दूर करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल में इजरायल की यात्रा की थी।