नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) विवाद को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की और कहा, "राष्ट्रवाद मेरे खून में है। मैंने अपने परिवार को राष्ट्र के लिए बलिदान देते देखा है।" उन्होंने ये भी कहा कि उनकी पार्टी देश में छात्रों की आवाज 'दबाए जाने' की अनुमति नहीं देगी। राहुल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुखर्जी से मुलाकात के बाद कहा, "सरकार का काम देश में संस्थानों को बर्बाद करना नहीं है।"
उन्होंने केंद्र सरकार पर देश में छात्रों की सोच और उनके सपनों को कुचलने तथा उन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा थोपने का आरोप लगाया। राहुल ने कहा, "कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी। इससे भारत की वैश्विक छवि खराब होगी।" राष्ट्रपति से मिलने वालों में कांग्रेस उपाध्यक्ष के साथ-साथ राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद भी थे।
जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राहुल ने कि यदि किसी ने देश के खिलाफ कुछ भी कहा है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।