नई दिल्ली: JNU में देशद्रोह के मुख्य आरोपी उमर खालिद और उसके 4 साथी आज दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरेंडर कर सकते हैं। याचिका में वह हाईकोर्ट से सुरक्षा और कोर्ट में ही समर्पण करने की मांग करेंगे। उन्होंने कन्हैया कुमार के साथ पटियाला हाउस में हुए हंगामे को आधार बनाया है।
सभी छात्रों का कहना है कि, उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया बल्कि 'डॉक्टर्ड वीडियो' का इस्तेमाल कर उन्हें फंसाया गया।
उमर ने यहां कहां कि, उसे मुस्लिम होने के कारण परेशान किया जा रहा है। उमर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपो को निराधार बताया और कहा कि उसने देश विरोधी बातें नहीं कही।
उमर खालिद के साथ रामा नागा, प्रकाश अंबेडकर, अनिर्बान भट्टाचार्य और आशुतोष कुमार रविवार शाम 6 बजे JNU में देखे गए थे। इसके बाद रात 9 बजे ये सभी लोग एडमिन ब्लॉक पर इकट्ठा हुए जहां 300 छात्रों के सामने देशद्रोह के आरोपी इन सभी छात्रों ने भाषण दिया था।
आशुतोष के अनुसार, वे जांच में मदद के मद्देनजर वापस आए हैं। छात्रों और दुनियाभर से हमें जो अपार समर्थन मिला है उसने हमें ताकत दी है। हमने कुछ भी गलत नहीं किया, बल्कि डॉक्टर्ड वीडियो का इस्तेमाल करके हमें फंसाया गया। हम अब कहीं नहीं जाएंगे और विश्वविद्यालय को राष्ट्रविरोधी के तौर पर पेश किए जाने के खिलाफ आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।
उमर खालिद, अनिर्बन भट्टाचार्य, रामा नागा, आशुतोष कुमार और अनंत प्रकाश जो राजद्रोह के मामले में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की 12 फरवरी को गिरफ्तारी के बाद से लापता हो गए थे।