नई दिल्ली: जिस जेएनयू कांड की गूंज आज संसद तक पहुंच गई उस मामले में मंगलवार देर रात को एक ड्रामा हुआ। बड़े ही नाटकीय ढंग से मुख्य आरोपी उमर खालिद समेत 2 आरोपी छात्रों ने सरेंडर कर दिया। पुलिस रात से ही उमर खालिद से पूछताछ कर रही है और इस पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस ने खालिद से 9 फरवरी को जेएनयू में लगे देश विरोधी नारों की पूरी कहानी पूछी।
जेएनयू में आधी रात को सरेंडर के लिए हुए हाईवोल्टेज ड्रामा और फिर गिरफ्तारी के बाद देशद्रोह के आरोपी उमर खालिद ने दिल्ली पुलिस ने सामने वो कबूल कर लिया जो 9 फरवरी के वीडियो में अब तक दिखाई और सुनाई दे रहा था।
हल्ला बोल..
हल्ला बोल..
कितने अफ़जल मारोगे..
घर घर से अफ़जल निकलेगा
कितने मकबूल मारोगे..
घर घर से मकबूल निकलेगा
राइट टू सेल्फ-डिटर्मिनेशन
लॉन्ग लिव... लॉन्ग लिव..
इन्हीं नारों के बाद उमर खालिद और उसके साथियों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है और अब वो पुलिस की कस्टडी में है। दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य से आरकेपुरम थाने में घंटों तक पूछताछ की है। सूत्रों के मुताबिक, उमर खालिद ने पूछताछ में कबूल किया है कि JNU में 9 फरवरी का कार्यक्रम उसी ने करवाया था और नारे भी लगाए थे।
उमर खालिद ने क्या-क्या कबूला?
- पुलिस- क्या तुमने अफजल गुरु के समर्थन में नारे लगाए थे?
- उमर खालिद- हां, मैंने नारे लगाए थे।
- पुलिस- JNU में 9 फरवरी के कार्यक्रम का आयोजक कौन था?
- उमर खालिद- वो कार्यक्रम मैंने रखा था।
- पुलिस- 9 फरवरी के कार्यक्रम में किस-किस ने साथ दिया?
- पुलिस- आप दोनों लोग इतने दिन कहां-कहां रुके?
- पुलिस- तुमने एक हफ्ते में 800 कॉल किस मकसद से किए?
पुलिस के सवालों की लंबी फेहरिस्त है और दोनों सपोर्ट कर रहे थे। पुलिस उमर खालिद को जेएनयू में 9 फरवरी को लगे देश विरोधी नारों का मुख्य आरोपी मान रही है और इस विवाद में पुलिस के पास खालिद समेत सभी आरोपियों से पूछने के लिए बहुत सारे सवाल हैं। पुलिस ने खालिद से ये भी जानना चाहा कि 12 फरवरी से फरार होने के बाद से वो कहां-कहां रहा और किस-किसने उसे और उसके दोस्तों को पनाह दी। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने खालिद की कॉल डीटेल को लेकर भी सवाल किए।
पुलिस कस्टडी में उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य से पूछताछ लगातार जारी है लेकिन दोनों के सरेंडर करने की वजह से अब जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत का मामला 5 दिन के लिए टल गया है। अब दिल्ली पुलिस उमर खालिद और कन्हैया को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में इसी जांच को आधार बनाकर कन्हैया को जमानत दिए जाने का विरोध किया। दिल्ली हाईकोर्ट में कन्हैया की जमानत अर्जी पर सुनवाई अब 29 तारीख को दोपहर ढाई बजे होगी यानी कन्हैया कुमार को फिलहाल तिहाड़ जेल में ही रहना होगा। दरअसल जेएनयू विवाद में पुलिस उमर खालिद और कन्हैया कुमार से क्रॉस सवाल करके देशविरोधी नारों के पीछे किसी बड़ी साजिश का सुराग तलाशना चाहती है।
आधी रात के सरेंडर की इनसाइड स्टोरी
देशद्रोह के आरोपी जेएनयू के छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की सुरक्षा को देखते हुए आज जज को ही थाने में जाना पड़ा। दरअसल कन्हैया कुमार के साथ पटियाला हाउस कोर्ट में हुई मारपीट की घटना के बाद दोनों आरोपियों ने दिल्ली हाईकोर्ट से सुरक्षित पेशी की गुहार लगाई थी। इसीलिए खालिद और अनिर्बान की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने चाक चौबंद इंतजाम किए। उन्हें पहले वसंत कुंज थाने से आरके पुरम थाने में शिफ्ट किया गया और फिर पेशी के लिए कोर्ट न ले जाकर जज खुद ही थाने पहुंचे।
लेकिन इससे पहले तक उमर खालिद और अनिर्बान का सरेंडर नाटकीय तरीके से हुआ। जिस उमर खालिद को दिल्ली पुलिस पिछले करीब दस दिन से तलाश कर रही थी, जिसकी गिरफ्तारी के लिए वो जेएनयू के गेट पर दो दिन तक खड़ी रही। उसने कल आधी रात को आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।