नई दिल्ली: देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने तिहाड़ जेल में अपनी जान को खतरा बताते हुए सीधे उच्चतम न्यायालय से जमानत की गुहार लगाई है। न्यायालय कन्हैया की जमानत अर्जी पर कल सुनवाई के लिए तैयार हो गया है।
वकील अनिंदिता पुजारी के जरिए दाखिल अर्जी में कन्हैया ने खुद को निर्दोष बताया है। पटियाला हाउस कोर्ट में कल कुछ वकीलों ने कन्हैया पर हमला किया था। कन्हैया ने कहा है कि उनकी जान को खतरा है। उनकी जान को सुरक्षित रखने के लिए उच्चतम न्यायालय को दखल देने की जरूरत है।
जेएनयू के छात्र नेता ने कहा कि उन्हें जेल में बंद रखने से कोई मकसद पूरा नहीं होने वाला, क्योंकि पुलिस उन्हें अदालत में पेश करने में भी मुश्किलों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें हिरासत में रखकर पूछताछ करने की कोई जरूरत नहीं है, उन्हें पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
वरिष्ठ वकील सोली सोराबजी और राजू रामचंद्रन ने न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर और न्यायमूर्ति ए एम सप्रे की पीठ के समक्ष कन्हैया की जमानत अर्जी का जिक्र किया और इस पर आज ही सुनवाई करने का अनुरोध किया। बहरहाल, जब पीठ ने कहा कि वह कल इस पर सुनवाई करेगी तो दोनों वरिष्ठ वकील सहमत हो गए।