नई दिल्ली: जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के मामले में आज पटियाला हाउस कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब कन्हैया 2 मार्च तक जेल में ही रहेंगे। आपको बता दें कि पेशी से पहले पटियाला हाउस कोर्ट के भीतर कुछ वकीलों ने कन्हैया की पिटाई भी की। वहीं कन्हैया की पेशी से पहले भी दो गुटों के आपस में भिड़ंत की खबर सामने आई थी।
बताया जाता है इन दोनों गुटों की लड़ाई के दौरान एक बार फिर से नारेबाजी भी हुई। गौरतलब है कि 9 फरवरी को जेएनयू में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रविरोधी नारेबाजी के चलते छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को राष्ट्रद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
पटियाला हाउस कोर्ट के भीतर वकीलों के एक ग्रुप ने कन्हैया की पिटाई की है। दिलचस्प बात यह है कि पिटाई के दौरान वहां चार पुलिस वाले भी मौजूद थे और पचास पुलिस वालों के घेरे में कन्हैया को पेशी के लिए पटियाला हाउस कोर्ट लाया गया था। ऐसे में पेशी से पहले कन्हैया कुमार की पिटाई हैरान करती है।
कन्हैया संग मारपीट पर सुप्रीम कोर्ट भी गंभीर:
कन्हैया के साथ हुई मारपीट की घटना को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पांच वरिष्ठ वकीलों की टीम को पटियाला हाउस कोर्ट का जायजा लेने के लिए भेजा है। इस टीम में सीनियर वकील कपिल सिब्बल, राजीव धवन, हरेन रावल, दुष्यंत दवे और एडीएन राव को पटियाला हाउस कोर्ट भेजा है। आपको बता दें कि इससे पहले दोपहर को वकीलों के दो गुट भी जेएनयू कांड को लेकर आमने सामने आ गए थे। तिरंगा लहराने से लेकर कोट खींचने और थप्पड़ मारने की शर्मनाक तस्वीरें पटियाला हाउस कोर्ट से ही आम हुईं हैं।