कोलकाता: एक सत्र अदालत ने पार्क स्ट्रीट सामूहिक बलात्कार मामले में आज तीनों दोषियों को दस दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। यह तीन वर्ष से अधिक पुरानी घटना है जिसमें दो नाबालिग बेटियों की 40 वर्षीय मां का यहां चलती कार में बलात्कार किया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चिरंजीब भट्टाचार्य ने दोषी रूमान खान, नासिर खान और सुमित बजाज को दस दस साल के कारावास की सजा सुनाई और एक एक लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया। उन्हें कल भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत सामूहिक बलात्कार का दोषी ठहराया गया था। इस आरोप में न्यूनतम दस वर्ष की कैद जबकि अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।
न्यायाधीश ने बंद कमरे में सुनवाई में आदेश पारित करते हुए कहा कि जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को 6-6 महीने की जेल और काटनी पड़ेगी। मुख्य लोक अभियोजक सरबनी राय ने कहा कि न्यायाधीश ने रूमान खान और नासिर खान को भादंसं की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत छह छह महीने के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई जबकि दोषियों पर क्रमश: दस और पांच हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
इन तीनों को कल दोषी ठहराने वाली अदालत ने सजा सुनाने से पहले उनकी दलीलें भी सुनीं। तीनों दोषियों ने निर्दोष होने का दावा किया और कहा कि उन पर आरोप गढ़े गये हैं। दो अन्य आरोपी मुख्य आरोपी कादिर खान और अली फरार हैं। दोषियों के वकीलों ने प्रार्थना की कि उनके अतीत को देखते हुए उन्हें कम से कम सजा दी जाए। वकीलों ने दावा किया कि वे निर्दोष हैं।
इस मामले की पीडि़त कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आई और उसने अपना नाम गुप्त रखने का अधिकार छोड़ते हुए कहा था कि उसे अपना नाम प्रकाशित होने से कोई गुरेज नहीं है ताकि बलात्कार की अन्य पीडि़त अपनी बात रखने के लिए प्रेरित हों। उसका इस साल मार्च में दिमागी बुखार से निधन हो गया था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में यह कहकर विवाद पैदा कर दिया था कि यह हंगामा उनकी सरकार की छवि खराब करने का प्रयास है और यह मनगढंत है।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अगर दोषियों से जुर्माना राशि मिलती है तो यह पीडि़त की दोनों बेटियों को दी जाएगी। दोषी उच्च न्यायालय में फैसले को चुनौती देने की योजना बना रहे हैं।
पीडि़त को पांच फरवरी 2012 को पार्क स्ट्रीट पर स्थित एक नाइट क्लब के सामने से एक कार में बैठाया गया था और करीब दो किलोमीटर दूर उसे फेंकने से पहले उसका सामूहिक बलात्कार किया गया था। हालांकि पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी कादिर खान और एक अन्य आरोपी अली को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। रूमान खान ने खुद को निर्दोष होने का दावा करते हुए अदालत से कहा कि उसके माता पिता बुजुर्ग हैं और उसकी दो अविवाहित बहनें हैं।
नासिर खान ने अदालत से कहा कि उसके माता पिता का उसके न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान निधन हो गया है। सुमित बजाज ने दावा किया कि उसकी अच्छी शैक्षणिक पृष्ठभूमि है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। तीनों आरोपियों को 18 फरवरी 2012 को गिरफ्तार किया गया था और वे तब से हिरासत में हैं।