पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष एवं पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना की उपयोगिता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मंगलवार को उन्हें एक पत्र लिखा है। इधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लालू पर निशाना साधते हुए कहा कि राजद अध्यक्ष अभी भी 19वीं शताब्दी में जी रहे हैं। लालू ने पत्र के माध्यम से बुलेट ट्रेन परियोजना से संबंधित कई सवाल पूछे हैं और प्रधानमंत्री से इसका जवाब मांगा है। लालू ने इस पत्र की एक प्रति रेलमंत्री सुरेश प्रभु को भी भेजी है।
पत्र में लालू ने लिखा है कि देश में जहां लाखों लोग हर साल गरीबी, बीमारी और कुपोषण के कारण मर जाते हैं, वहां करीब एक लाख करोड़ रुपये लागत वाली बुलेट ट्रेन परियोजना का औचित्य क्या है? उन्होंने इस परियोजना को 'सफेद हाथी' बताते हुए कहा है कि सिर्फ एक परियोजना के लिए इतनी राशि खर्च करने की क्या जरूरत है।
लालू ने आगे लिखा है, 'छोटी दूरी की इस महंगी परियोजना से देश की कितनी आबादी को फायदा होगा, यह केंद्र सरकार की बेमेल प्राथमिकताओं की मिसाल है।" उन्होंने किसानों और गरीबों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि एक लाख करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना की जरूरत के संबंध में प्रधानमंत्री और रेल मंत्रालय को चाहिए कि वे देश को इस बारे में बताएं।
लालू ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे इस पत्र को ट्विटर पर भी साझा किया है। लालू ने पत्र में लिखा है कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा देश की बुनियादी जरूरत है, लेकिन ऐसे तमाम जरूरतों के बजट में कटौती कर, गरीबों-किसानों को नजरअंदाज कर बुलेट ट्रेन लाई जा रही है। देश की बड़ी आबादी के साथ यह क्रूर मजाक है।
लालू प्रसाद के इस पत्र के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने तो अब तक कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां कहा कि लालू का वश चले तो वे सभी एक्सप्रेस ट्रेनों को पैसेंजर ट्रेनों में बदल दें और फोर लेन वाली सड़कों को पगडंडी बना दें। मोदी ने पटना में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा था कि लालू कभी आईटी, फेसबुक और ट्विटर का भी मजाक उड़ाते थे।