नई दिल्ली: बिहार के मुजफ्फरपुर में सेना की भर्ती परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों को केवल अंत: वस्त्रों में परीक्षा देने को मजबूर करने का मुद्दा आज लोकसभा में उठा और इस मामले में शामिल सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गयी।
शून्यकाल के दौरान अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के इतिहास में इससे अधिक हास्यास्पद और शर्मनाक कोई परीक्षा नहीं हो सकती। उन्होंने सरकार से इस मामले में सेना को कड़े निर्देश दिए जाने की मांग की ताकि भविष्य में परीक्षार्थियों के साथ इस प्रकार का दुव्र्यवहार नहीं किया जाए। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अनुप्रिया ने कहा, परीक्षार्थियों के सम्मान से खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षार्थियों के मानवाधिकार हनन का मामला ही नहीं है बल्कि बेरोजगारी की समस्या का भी मजाक है। भाजपा की रमा देवी ने भी उनकी बात का समर्थन किया।
उल्लेखनीय है कि बिहार के मुजफ्फरपुर में सेना ने एक भर्ती प्रक्रिया आयोजित की थी जिसमें परीक्षार्थियों से केवल अंत: वस्त्रों में परीक्षा देने को कहा गया था। उन्हें बनियान तक नहीं पहनने दी गई। रिपोर्टो में कहा गया है कि ऐसा परीक्षार्थियों को नकल करने से रोकने के लिए किया गया।