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फिनमैकेनिका से अब कोई नया सौदा नहीं, रद्द होंगे मौजूदा टेंडर

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 29, 2016 06:26 pm IST,  Updated : May 29, 2016 06:26 pm IST

सरकार ने इतालवी कंपनी फिनमैकेनिका को मिले सभी मौजूदा रक्षा उपकरण टेंडर रद्द करने का फैसला किया है ताकि इसके बाद कंपनी को काली सूची में डाला जा सके।

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- India TV Hindi
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नई दिल्ली: सरकार ने इतालवी कंपनी फिनमैकेनिका को मिले सभी मौजूदा रक्षा उपकरण टेंडर रद्द करने का फैसला किया है ताकि इसके बाद कंपनी को काली सूची में डाला जा सके। इस कंपनी के खिलाफ अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकाप्ट सौदे में रिश्वत के आरोप में जांच चल रही है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बताया कि फिनमैकेनिका व इसकी अनुषंगियों(इससे जुड़ी हुई) को काली सूची में डालने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और इस बारे में एक पत्र विधि मंत्रालय को भेजा गया है।

उन्होंने कहा, जहां भी फिनमैकेनिका तथा इसकी अनुषंगियों से संबंधित किसी तरह की पूंजीगत खरीद होगी वहां सबके सब प्रस्ताव के आग्रह (आरएफपी) रद्द किए जाएंगे। मैं बहुत स्पष्ट हूं। हालांकि पर्रिकर ने कहा कि फिनमेकैनिका से पहले ही खरीदे जा चुके रक्षा उपकरणों के कलपुर्जों का आयात व सालाना रखरखाव का अनुबंध बना रहेगा केवल और केवल उससे नए पूंजीगत सामान के अधिग्रणह की निविदाएं समाप्त की जाएंगी।

सरकार ने स्कोर्पिन पनडुब्बियों के लिए भारी टोरपीडो के आरपीएफ को पहले ही वापस ले लिया है। संप्रग सरकार के कार्यकाल में यह आरपीएफ फिनमैकेनिका की एक अनुषंगी डब्ल्यूएएसएस ने जीता था। सरकार अब अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है। पर्रिकर ने कहा,काली सूची में डालने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। अगर किसी कंपनी को तय साल (संख्या) के लिए काली सूची में डाला जाता है तो रक्षा मंत्रालय उस कंपनी से उतनी अवधि में पूंजीगत खरीद का कोई सौदा नहीं करेगा।

उन्होंने दोहराया कि रक्षा मंत्रालय ने कंपनी के साथ किसी प्रकार का नया सौदा पहले ही स्थगित कर दिया है। रक्षा मंत्री ने कहा, राजस्व अधिग्रहण में जहां अनुबंध पहले ही कार्यान्वित किए जा रहे हैं, वहां सालाना रखरखाव व कलपुर्जों के आयात की अनुमति दी जाएगी जहां यह बहुत जरूरी है लेकिन यह सब सम्बद्ध प्राधिकार से उचित प्रमाणन के बाद ही होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित प्लेटफार्म या उपकरण परिचालन में रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी कंपनी ने कुछ गलत किया है केवल इसी आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, मैं अपने छह पोत को केवल इसलिए परिचालन से नहीं हटा सकता कि एक कलपुर्जा फिनमैकेनिका की किसी कंपनी से आयातित किया जाना है।

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